यूपी में बंदरों को भगाने के लिए गांव में बाघ बनकर घूमे युवक, हफ्ते भर मिला आराम; अब फिर लौटने लगा डर
लखीमपुर खीरी के बिझौली गांव में बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने बाघ की ड्रेस पहनकर ...और पढ़ें
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HighLights
बिझौली गांव में बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान।
दो युवकों ने बाघ की ड्रेस पहनकर बंदरों को भगाया।
एक सप्ताह बाद फिर बंदर दिखने लगे, स्थायी समाधान की मांग।
संवादसूत्र, बिझौली। बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें भगाने का अनोखा तरीका अपनाया। कोतवाली गोला क्षेत्र के बिझौली गांव में दो युवक बाघ की ड्रेस पहनकर गलियों और आसपास घूमने लगे। उन्हें देखकर बंदरों के झुंड भागने लगे। करीब एक सप्ताह तक गांव में बंदरों की आमद लगभग बंद रही, लेकिन अब एक-दो बंदर फिर दिखाई देने लगे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बिझौली के अलावा चिंतापुर, रमुआपुर, लखैया और जमुनाबाद फार्म में भी बंदरों का आतंक है।
करीब दस वर्षों से बंदरों के झुंड ग्रामीणों के लिए परेशानी बने हुए हैं। बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं, छतों और बिजली के खंभों पर लगी लाइटें तोड़ते हैं और खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। वे कई बार ग्रामीणों पर हमला भी कर चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
इसके बाद सीतापुर से बाघ की दो ड्रेस मंगाई गईं। गांव के गोविंद सिंह और रूपराम इन्हें पहनकर वहां पहुंचते, जहां बंदरों का झुंड दिखाई देता। बाघ की ड्रेस देखकर बंदर गांव से बाहर भाग जाते। ग्रामीणों के अनुसार, यह प्रयोग करीब एक सप्ताह तक कारगर रहा।
अब एक-दो बंदरों के फिर दिखाई देने से उन्हें झुंड के लौटने की आशंका है। ग्रामीणों ने इसे मजबूरी में अपनाया गया अस्थायी उपाय बताते हुए वन विभाग और प्रशासन से बंदरों को पकड़वाकर स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
