उत्तर प्रदेश में दो बच्चियों की हत्या करने वाले सगे भाइयों को उम्रकैद, 9 साल बाद कोर्ट का फैसला
लखीमपुर खीरी में दो मासूम बच्चियों की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो सगे भाइयों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
दो सगे भाइयों को बच्चियों की हत्या में उम्रकैद की सजा।
न्यायालय ने 88-88 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
आरोपित सुलह का दबाव बनाने के लिए हमला किए थे।
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। दो मासूम बच्चियों की हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेनू सिंह ने दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी अवधेश सिंह और सत्य प्रकाश सिंह पर 88-88 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों आरोपित वादी पर उसके पिता की हत्या के मुकदमे में सुलह करने का दबाव भी बना रहे थे। मामले में अभियोजन की ओर से 13 गवाह और 26 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी कपिल कटियार ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के कटहा निवासी रज्जन यादव 22 फरवरी 2017 की रात परिवार के साथ घर में सो रहा था।
रात करीब 12 बजे अवधेश सिंह और सत्य प्रकाश सिंह छह अन्य साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर घर में घुस आए। आरोपितों ने वादी और उसके परिवार पर हमला कर दिया। बांका और तलवार से किए गए हमले में रज्जन यादव, उसकी बहन सुभाषिनी, आरती, पत्नी रजनी देवी और पुत्री फूलकेसरी घायल हो गए।
दो बच्चियों की हत्या की
हमले में चार वर्षीय फूलकेसरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दस वर्षीय आरती ने भी बाद में दम तोड़ दिया। घटना के बाद रज्जन यादव की तहरीर पर निघासन थाने में अवधेश, सत्य प्रकाश समेत अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और मारपीट समेत अन्य आरोपों में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मुकदमे के दौरान अभियोजन ने वादी और घायलों समेत 13 गवाह न्यायालय में पेश किए और 26 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोनों सगे भाइयों को आजीवन कारावास और 88-88 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
