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किसान और मजदूर के बेटों ने नवोदय में पढ़कर किया कमाल, एमबीबीएस में मिला दाखिला

Published: Tue, 15 Sep 2026 06:45 PM (IST)

जवाहर नवोदय विद्यालय मितौली के दो छात्रों, उमंग दीक्षित और सुशेन कुमार ने नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।

सुशेन और उमंग

सुशेन और उमंग

HighLights

  1. उमंग दीक्षित को लोहिया संस्थान, सुशेन को केजीएमयू में प्रवेश।

  2. किसान और मजदूर परिवार के बेटों ने नीट में सफलता पाई।

  3. जवाहर नवोदय विद्यालय मितौली के छात्रों ने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।

जागरण संवाददाता, लखीमपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय मितौली के दो होनहार छात्रों ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त किया है।

ग्रामीण और सामान्य परिवारों से आने वाले इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि क्षेत्र और विद्यालय का गौरव भी बढ़ाया है। उमंग दीक्षित को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ और सुशेन कुमार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है।

पहले प्रयास में उमंग ने हासिल की सफलता

फूलबेहड़ ब्लॉक के गौरा गांव निवासी उमंग दीक्षित ने अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा में 623 अंक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि के आधार पर उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है।

किसान परिवार से आने वाले उमंग ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में 92.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। कक्षा 10 के बाद परीक्षा के माध्यम से चयनित होकर उन्होंने एक्स नवोदयन फाउंडेशन, प्रयागराज में रहकर नीट की तैयारी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उमंग ने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया।

मजदूर के बेटे सुशेन का केजीएमयू में चयन

मोहम्मदी ब्लॉक के नंदापुर गांव निवासी सुशेन कुमार ने नीट में 560 अंक प्राप्त कर प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान केजीएमयू, लखनऊ में एमबीबीएस में प्रवेश हासिल किया है। वर्ष 2025 में इंटरमीडिएट परीक्षा में सुशेन ने 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

सुशेन के पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। नवोदय विद्यालय में अध्ययन के दौरान ही चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें दक्षिणा फाउंडेशन के माध्यम से निशुल्क कोचिंग का अवसर मिला। सुशेन ने इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए कड़ी मेहनत की और मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का अपना सपना साकार किया।

मेहनत और अवसर ने बदली सफलता की कहानी

दोनों छात्रों की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी आर्थिक या ग्रामीण पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। उचित मार्गदर्शन, अवसर और दृढ़ संकल्प के बल पर सामान्य परिवारों के बच्चे भी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में स्थान बना सकते हैं। दोनों छात्रों की उपलब्धि पर जवाहर नवोदय विद्यालय मितौली के शिक्षकों, विद्यालय प्रशासन, परिजनों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।