लखीमपुर खीरी में किसानों को मचान खेती पर मिलेगी सब्सिडी, बढ़ेगी सब्जी उत्पादकों की आय
लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत सब्जी उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की है। किसानों ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में उद्यान विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी पूरी कर ली है।
विशेष रूप से बेलदार सब्जियों के लिए मचान व्यवस्था पर अनुदान दिया जाएगा, जिससे लौकी, तरोई, खीरा, करेला और तरबूज जैसी फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में बढ़ोतरी होगी।
इस योजना के तहत कुल 20 इकाइयों का लक्ष्य मिला है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 15 इकाइयां (1.50 लाख रुपये) और एससीएसपी के अंतर्गत 5 इकाइयां (0.50 लाख रुपये) निर्धारित की गई हैं।
कुल मिलाकर 2.00 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मचान पद्धति से खेती करने पर फसल जमीन से ऊपर रहती है, जिससे सड़न कम होती है और उत्पादन अधिक मिलता है।
सीधे खाते में जाएगी सब्सिडी, उन्नत बीज भी उपलब्ध
योजना के अंतर्गत किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे और निर्धारित मानकों के अनुसार मचान तैयार करने पर अनुदान की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसानों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
मचान प्रणाली अपनाने से कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन संभव है। साथ ही फलों की गुणवत्ता बेहतर होने से बाजार में अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है। उद्यान विभाग ने पात्र किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील की है।
विभागीय पोर्टल पर किसान करें आवेदन
जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत बेलदार सब्जियों के लिए मचान निर्माण पर अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों को तकनीकी लाभ के साथ आर्थिक सहायता भी मिलेगी।
इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कर आवेदन करें, ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठा सकें। यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तो सब्जी उत्पादन लाभकारी व्यवसाय बन सकता है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में बागवानी क्षेत्र का विस्तार और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।योजना के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए कृषक जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
