लखीमपुर में फसल बीमा बना किसानों का सुरक्षा कवच, चार साल में 1.38 लाख आवेदन
लखीमपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच बन गई है, जिससे उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से राहत मिल रही है।

फसल बीमा बना किसानों का सुरक्षा कवच।
HighLights
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच बनी।
चार साल में 1.38 लाख से अधिक किसानों ने आवेदन किया।
फसल नुकसान पर किसानों को करोड़ों रुपये की क्षतिपूर्ति मिली।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। मौसम की बेरुखी से फसल चौपट होने का खतरा हो या बाढ़ और सूखे की मार, किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आर्थिक सहारे का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। जिले में चार साल के दौरान फसल बीमा के लिए 1,38,448 आवेदन हुए।
इस दौरान 21,931.83 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को बीमा सुरक्षा मिली। खास बात यह है कि योजना के तहत फसल नुकसान होने पर किसानों को विभिन्न मौसमों में करोड़ों रुपये की क्षतिपूर्ति भी दी गई।
कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि खरीफ 2023 में 12,980 आवेदन के जरिए 1,895.94 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित हुआ था। रबी 2023-24 में आवेदन बढ़कर 15,107 हो गए। खरीफ 2024 में योजना ने और रफ्तार पकड़ी और 22,902 आवेदन हुए। इस दौरान 3,817.08 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित कराया गया।
रबी 2024-25 में 19,169 आवेदन के साथ 3,540.04 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा हुआ। खरीफ 2025 में 21,689 आवेदन और 3,512.72 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित हुआ।
वहीं रबी 2025-26 में आवेदन संख्या चार साल में सबसे अधिक 25,163 पहुंच गई। इस मौसम में 4,228.13 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित कराया गया। खरीफ 2026 में अब तक 21,438 आवेदन दर्ज हो चुके हैं और 3,277.73 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित है।
आवेदन बढ़े और सुरक्षा का दायरा भी बढ़ा
चार साल के आंकड़ों में आवेदन संख्या में उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन योजना से जुड़ने वाले किसानों की संख्या लगातार बड़ी रही। प्राकृतिक आपदा से फसल प्रभावित होने पर बीमित किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्षतिपूर्ति मिलने से योजना किसानों के लिए जोखिम कम करने का जरिया बनी है।
किसानों को आर्थिक सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। किसानों को फसल का बीमा कराने के साथ नुकसान होने पर निर्धारित समय और प्रक्रिया के अनुसार सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य फसल नुकसान से होने वाले आर्थिक जोखिम को कम करना है। -सूर्य प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
