लखीमपुर ARTO कार्यालय में परिवहन आयुक्त का औचक निरीक्षण, 45 दिन पुराने वाहनों की नीलामी के निर्देश
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार मौर्या ने लखीमपुर एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

एआरटीओ कार्यालय में परिवहन आयुक्त का औचक निरीक्षण।
HighLights
आरटीओ राजेश कुमार मौर्या ने लखीमपुर एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
45 दिन से अधिक पुराने जब्त वाहनों की तत्काल नीलामी के निर्देश।
ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर और कार्यालय व्यवस्थाओं का भी गहनता से जायजा।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर देवीपाटन मंडल के संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार मौर्या ने एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
अचानक पहुंचे आरटीओ ने कार्यालय की व्यवस्थाओं से लेकर कर्मचारियों के कामकाज तक की बारीकी से पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान यात्री/मालकर अधिकारी, संभागीय निरीक्षक प्राविधिक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और सारथी के कार्मिक उपस्थित मिले।
आरटीओ ने सबसे पहले कार्यालय की साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद वह एक-एक पटल पर पहुंचे और पटल सहायकों से उनके कार्यों की जानकारी ली। संबंधित पत्रावलियों का निरीक्षण करने के साथ ही कार्यालय के सभी रिकार्ड रूम भी देखे। रिकार्ड रूम में पत्रावलियां व्यवस्थित मिलने पर व्यवस्था पर संतोष जताया।
45 दिन पुराने वाहनों पर सख्ती
कार्यालय परिसर में खड़े निरुद्ध वाहनों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आरटीओ ने निर्देश दिए कि 45 दिन से अधिक समय से निरुद्ध वाहनों की तत्काल नीलामी की प्रक्रिया कराई जाए। इससे लंबे समय से परिसर में खड़े वाहनों के निस्तारण का रास्ता साफ होगा।
इसके बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली भी जांची गई। सभी कैमरे पूरी तरह संचालित पाए जाने पर आरटीओ ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कार्यालय में आए लोगों से उनके कामकाज और समस्याओं के संबंध में सीधे जानकारी ली।
जनता ने कार्यों के प्रति संतोष व्यक्त किया। आरटीओ ने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय आने वाली जनता के कार्य प्राथमिकता के आधार पर समय से पूरे किए जाएं।
ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर में भी परखी व्यवस्था
एआरटीओ कार्यालय के निरीक्षण के बाद राजेश कुमार मौर्या ने सनसाइन प्रत्यायन चालन केंद्र (एडीटीसी) का भी निरीक्षण किया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एसबी पांडेय ने बताया कि आरटीओ ने आवेदकों की उपस्थिति पंजिका की जांच की और अपने समक्ष चालकों का परीक्षण कराया।
उन्होंने कंप्यूटर में सुरक्षित पुराने ड्राइविंग परीक्षणों के वीडियो भी देखे। वर्कशाप और संचालित कक्षाओं का निरीक्षण कर प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। इसके साथ ही सेमुलेटर मशीन की गहनता से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को भविष्य में भी इसी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
