शफीउद्दीन अंसारी, फरधान (लखीमपुर): श्रीनगर विधान सभा सीट 2008 के परिसीमन में सामान्य से सुरक्षित हुई थी। तब से अभी तक इस सीट पर दो बार चुनाव हुए हैं और दोनों बार मौजूदा विधायक का टिकट कटा है। और हर बार नए दावेदार असफल हुए हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा से मौजूदा विधायक राजेश गौतम को हटाकर बसपा ने श्री काल भैरव पर दांव आजमाया था। सपा के रामशरण ने उनको 31878 मतों से पराजित कर दिया था। इसके बाद 2017 के विधान सभा चुनाव में सपा ने मौजूदा विधायक राम सरन का टिकट काटकर उनकी जगह नई प्रत्याशी मीरा बानो पर दाव लगाया था। उनको भी भाजपा की मंजू त्यागी से 54939 मतों से पराजित होना पड़ा था। जब बीएसपी ने मौजूदा विधायक राजेश गौतम का टिकट काटा था तो उन्होंने पीस पार्टी से चुनाव लड़ा था जबकि सपा ने जब राम सरन का टिकट काटकर मीरा बानो को दिया था तब रामसरन ने पार्टी में ही रहकर काम किया था। श्रीनगर सुरक्षित सीट पर यह तीसरा चुनाव है। पिछले दोनों ही बार मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए और दोनों ही नए प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है। इस बार बीजेपी की मंजू त्यागी मौजूदा विधायक हैं। मतदाता इस बात को जानने के लिए उत्सुक हैं कि बीजेपी पुराने जीते कंडिडेट को मैदान में उतरेंगे या फिर जो काम सपा और बीएसपी ने 2012 और 2017 में किया है उसको ही दोहराएगी। 1977 से लेकर 2017 तक इस सीट पर गैर बीजेपी के ही विधायक रहे हैं। 2017 में बीजेपी की मंजू त्यागी ने सपा को पराजित कर अपना परचम लहराया था। सपा और बीएसपी दोनों ने ही इस सीट पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर नए लोगों पर दांव आजमा चुकी है और दोनों को हार का ही मुंह देखना पड़ा है।

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