लखीमपुर (जेएनएन)। मां की मौत से दुखी तीन लड़कियों ने आज लखीमपुर में आत्महत्या का प्रयास किया। तीनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वाईडी डिग्री कॉलेज के बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल द्विवेदी की माता का कल देर रात अचानक निधन हो गया। मां की मौत से आहत होकर द्विवेदी की तीन बहनों ने अपने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। तीनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि तीनों बहनें मां की मौत के बाद अपने हाथ व सिर पटक कर रो रहीं थीं, तभी हाथों में पहने कांच के कड़ों से नसें कट गईं।
यह घटना शहर के मुहल्ला शांतिनगर की है। वाईडी डिग्री कॉलेज के बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल द्विवेदी का यहां घर है। कल देर रात उनकी माता 65 वर्षीय मंजू देवी पत्नी आरके द्विवेदी की अचानक तबियत खराब हो गई। इस पर परिवार के लोग उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाए, जहां उनकी मौत हो गई। संभवत: दिल का दौरा पडऩे से उनकी मौत हुई।
परिवार के लोग जब मंजू देवी का शव लेकर घर पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। मंजू की चार बेटियां रेनू (30), गरिमा (27), शिल्पी (25) व शेफाली (24) हैं। मां की मौत से दुखी चारों बेटियां दहाड़े मार-मार कर रोने लगीं। इसी बीच गरिमा, शिल्पी व शेफाली ने अपनी कलाई की नस काट ली। इससे तीनों लहूलुहान हो गईं। यह मंजर देख देख परिवार में और भी कोहराम मच गया। इन तीनों का आनन-फानन जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। तीनों फिलहाल जिला अस्पताल में ही भर्ती हैं। घटना की पूरे शहर में चर्चा होती रही। हर कोई बेटियों के अपनी मां से प्रेम की चर्चा कर रहा था। परिवार के कुछ करीबी लोगों का यह भी कहना है कि जब मां का शव घर पहुंचा तो बेटियां दहाड़े मार-मारकर हाथ पर सिर पटक-पटक कर रोने लगीं। इसी दौरान हाथों में पहने कांच के कड़े टूटकर लगने से नसें कट गईं। 

Posted By: Dharmendra Pandey