-22 अक्टूबर को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर अर्जी पर होनी थी सुनवाई

जागरण संवाददाता, लखीमपुर : टेरर फंडिग मामले में बरेली निवासी जिस सदाकत को एटीएस तलाश कर रही थी और कई दिनों से लखीमपुर में जाल बिछाया था, उसने एटीएस को गच्चा दे दिया है। सदाकत ने पांच दिन पहले लखीमपुर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर होने की अर्जी डाली। इस पर पहले शनिवार को व फिर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। इसके चलते एटीएस यहां घेरा डाले थी। उधर सदाकत बरेली में किसी अन्य मामले में कोर्ट में हाजिर होकर जेल चला गया। मंगलवार को उसके वकील ने यहां कोर्ट में इसकी सूचना दी।

बीती दस अक्टूबर को निघासन क्षेत्र में चार आरोपितों के पकड़े जाने के बाद यहां नेपाल के रास्ते टेरर फंडिग किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ था। इसके बाद मामले की एटीएस ने जांच शुरू की और बरेली निवासी फहीम व सिराजुद्दीन को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य आरोपित मुमताज सीजेएम कोर्ट में सरेंडर हो गया। इसके बाद आठवें आरोपित बरेली के परतापुर चौधरी थाना इज्जतनगर निवासी सदाकत हुसैन की गिरफ्तारी के लिए एटीएस प्रयास कर रही थी, पर उसने बीते शुक्रवार को लखीमपुर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर होने की अर्जी डाल दी। इस पर कोर्ट ने शनिवार की तिथि सुनवाई के लिए नियत की थी, पर उस दिन कंडोलेंस होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी तो अगली तारीख 22 अक्टूबर की लगी। इसको लेकर एटीएस यहां सदाकत की गिरफ्तारी के लिए घेरा डाले थी, पर उसने गच्चा दे दिया। मंगलवार दोपहर एटीएस को तब मायूस होना पड़ा जब सदाकत के वकील की ओर से एक नई अर्जी सीजेएम कोर्ट में दाखिल किए जाने की जानकारी मिली। इसमें बरेली के प्रेमनगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में सदाकत के बरेली जेल में निरुद्ध होने की जानकारी दी गई। साथ ही टेरर फंडिग के मुकदमे में सदाकत के आरोपित होने के चलते उसे बरेली जेल से तलब किए जाने की याचना कोर्ट से की गई।

Posted By: Jagran

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