लखीमपुर : टेरर फंडिग के मामले के मास्टर माइंड नाइजीरियाई चिनवेउबा एमेका माइकल, पीटर हरमन अस्सेंगा व मुंबई निवासी अर्जुन अशोक खराड़े को एटीएस की टीम ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया और तीनों को रविवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने तीनों आरोपितो को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

11 अक्टूबर को निघासन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर टेरर फंडिग से जुड़े चार आरोपियों उमेद अली एराज अली संजय अग्रवाल व समीर सलमानी को गिरफ्तार किया था इनके पास से नेपाली व भारतीय करेंसी बरामद हुई थी पूछताछ के दौरान मामला आतंकवादियों को फंडिग किए जाने से जुड़ा हुआ पाया गया। जिसके बाद मामले की विवेचना एटीएस के सुपुर्द कर दी गई। घटना के दो दिनों बाद बरेली निवासी फहीम अहमद व सुराजउद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया सभी को रिमांड पर लेने के बाद टेरर फंडिग की परतें खुलती चली गई। मामले का मास्टरमाइंड नाइजीरिया निवासी माइकल, उसका साथी पीटर हरमन व मुंबई निवासी अशोक खराटे निकला चार दिन पूर्व मामले का माइकल, पीटर हरमन व मुंबई निवासी अशोक खराडे को एटीएस पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।

ये हुई विदेशी आरोपितों से बरामदगी

इनके पास से तीन लैपटॉप चार-चार मोबाइल, दो पेनड्राइव 13 देशी व एक-एक विदेशी सिम बरामद हुआ रविवार को एटीएस ने तीनों आरोपितों को सीजेएम की कोर्ट में पेश किया कोर्ट तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया सीजेएम कोर्ट में यूपी एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि नाइजीरिया निवासी पीटर हरमन अस्सेंगा ने नेपाल राष्ट्र बैंक की वेबसाइट हैक करके 49 लाख रुपये निकाले थे। नेपाल राष्ट्र बैंक का एकांउट हैक कर 49 लाख रुपये निकालकर आतंकवादियों को आर्थिक मदद साथियों के जरिए करते थे।

Posted By: Jagran

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