लख मपुर : जिले में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने से लोगों में दहशत है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी काफी सक्रिय है। शहर के मुहल्ला नयी बस्ती निवासी आतिफ को स्वाइन फ्लू के चलते लखनऊ के ¨कग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य टीम ने आतिफ के घर जाकर परिवारीजन को दवा देनी चाही लेकिन उनके परिवार में यहां कोई नहीं मिला।

जिले में स्वाइन फ्लू का एक रोगी मिला है। यह पहला केस है जिसके बाद स्वास्थ विभाग में भी हड़कंप मचा है। शहर के मुहल्ला नई बस्ती निवासी अधिवक्ता कय्यूम बेग के 30 वर्षीय पुत्र आतिफ़ दुबई में किसी कंपनी में बतौर अकाउंटेंट काम करता है। चार सितंबर को वह वापस आया तो उसे तेज बुखार था। चिकित्सकों ने उसे जांच करने के बाद लखनऊ रेफर कर दिया। ¨कग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू का इलाज चल रहा है। मंगलवार की दोपहर करीब सवा दो बजे मुहल्ला नयी बस्ती स्थित कय्यूम बेग के निवास पर पहुंची चिकित्सकों की टीम में एपिडमोलॉजिस्ट डॉ.पूनम ¨सह तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नोडल अफसर डॉ. मातादीन ने जब दरवाजे पर जाकर परिवारीजन से मिलने की इच्छा जाहिर की तो मालूम हुआ कि उनके माता-पिता बहन शार्जिया फातिमा, सलवा तथा छोटा भाई समूर मिर्जा सभी लखनऊ में हैं। डॉ. मातादीन का कहना है कि वैसे अभी स्वाइन फ्लू की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि उन्हें कोई भी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। सभी कुछ सोशल मीडिया या अन्य लोगों से सुनने में मिला है, फिर भी एहतियात के तौर पर यह पहला मामला मिला है।

ये हैं लक्षण: स्वास्थ्य विभाग की एपिडमोलॉजिस्ट डॉ.पूनम ¨सह का कहना है कि यह साधारण वायरल की तरह होता है। लेकिन कुछ अलग होता है। जैसे पानी जैसा जुकाम, तेज सिरदर्द, शरीर में टूटन, उल्टी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ इत्यादि लक्षण हैं।

ये रखें सावधानियां: डॉ.पूनम ¨सह बताती हैं कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से भी स्वाइन फ्लू हो सकता है। इसलिए ऐसे रोगी को एकांत में रखा जाता है। जो उस मरीज के संपर्क में परिवारीजन होते हैं उन्हें भी मास्क पहनना चाहिए। उन्हें टेमीफ्लू नाम की दवा दी जाती है, जो कैप्सूल के रूप में आती है।

Posted By: Jagran