लखीमपुर: मोहाना नदी अब तिकुनिया के ग्राम जसनगर में भी खेत काटने लगी है। जिससे किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। मोहाना नदी की तबाही का दायरा बढ़ने से लोग परेशान हैं। विडंबना तो इस बात की है कि जिम्मेदार पूरी तरह से सोए हुए हैं।

तिकुनिया के ग्राम गंगानगर, रननगर, इंद्रनगर के बाद अब मोहाना नदी ग्राम जसनगर में भी तबाही मचाने लगी है। लोगों के हरे-भरे खेत कटकर नदी में बहने लगे हैं। सरताज का धान, श्रीकृष्ण, शिवलाल, रामअवतार, कामता प्रसाद, अकबर, रामकुमार मौर्य, बृजमोहन मौर्या का गन्ना नदी में बहने लगा है। जिससे इन किसानों के चेहरे लटक गए हैं। इतना ही नहीं करीब 500 मीटर दूरी पर ही खैरटिया जाने का मुख्य सड़क मार्ग भी है। ऐसे ही कटान होता रहा तो इस मार्ग पर भी कटान का खतरा मंडराने लगेगा। मार्ग कटने की दशा में तो कई गांव और कटान की जद में आ जाएंगे। मोहाना नदी जहां अपनी तबाही से लोगों को बर्बाद कर रही है। वहीं जिम्मेदार पूरी तरह सोए हुए हैं। जिससे इन कटान पीड़ित परिवारों में त्राहि-त्राहि मची हुई है। लोग भूमिहीन होते जा रहे हैं। जिम्मेदार की सुनिए

ग्राम जसनगर के समीप बह रही मोहाना नदी में बहाव तेज होने के कारण कटान हो रहा है। जैसे ही मोहाना नदी का बहाव रुकेगा तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सौरभ श्रीवास्तव, जेई सिचाई विभाग तबाही रोकने के लिए सिचाई विभाग ने शुरू की कार्रवाई

खैरटिया के नयापिड गांव में भी मोहाना नदी की तबाही रोकने के लिए सिचाई विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बीते दिनों जिले के नोडल अधिकारी व कमिश्नर ने नयापिड का दौरा कर ग्रामीणों की समस्या सुनी थी। ग्रामवासियों ने नदी की तबाही की बावत बताते हुए गांव को बचाने की मांग की थी। स्वयं कमिश्नर ने भी मौके पर जाकर मोहाना नदी की तबाही को देखा था। जिसके बाद से सिचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है। सिचाई विभाग के जेई सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द नयापिड गांव को मोहाना नदी की तबाही से बचाने वाला प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।

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