लखीमपुर: पूस के महीने में सुबह से ही चल रही सर्द हवाओं की परवाह सोमवार को एसएसबी के जवानों को रत्ती भर नहीं थी। गृहमंत्री के स्वागत को तैयार एसएसबी के जांबाज जवानों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दोपहर ठीक 12 बजे गढ़ी रोड पर बने एसएसबी हेडक्वार्टर के मैदान पर जैसे ही बीएसएफ का हेलीकाप्टर दिखा उसने जवानों का रक्तसंचार बढ़ा दिया। राजनाथ ¨सह के स्वागत की सारी औपचारिकता पूरी हुई और उन्होंने एक पौधा भी एसएसबी परिसर में रोपित किया। कुछ ही पलों के बाद मजबूत सुरक्षा घेरे में गृहमंत्री बिलकुल जोशीले अंदाज, झक सफेद कुर्ते में जिसकी आधी बांहें सिमटी हुई, चेहरे पर पूरी गंभीरता के साथ तेज कदमों से सैनिक पांडाल की ओर बढ़े। अपने बीच उनको देख एसएसबी के जवान खुशी से झूम उठे और अगले ही पल उनका उद्बोधन भी शुरू हो गया।

यहां जितनी बेकरारी सैनिकों को अपने गृहमंत्री को सुनने को लेकर थी उतना ही उत्साह गृहमंत्री को भी जवानों के बीच में जाने को साफ नजर आया। उन्होंने एसएसबी के जवानों के कामों की जमकर तारीफ की और कहा कि एक फौजी कैसे राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को गांठ बांधकर देश की सीमाओं की सुरक्षा करता है। उन्होंने जवानों को याद दिलाया कि जब देश को आजादी दिलानी थी तो कैसे कैसे किशोर वय युवक जिनकी उम्र महज 16 या 17 साल हुआ करती थी हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया करते थे। ठीक वैसे ही सेना के जवान अपने जहन में राष्ट्रीय स्वाभिमान को तरोताजा किए बैठे हैं। जवानों के जहन में ये भावना लगातार पनपती रहे..जन्म लेती रहे..केवल इसलिए ही सरकार ने शहीद फौजी के परिवार को एक करोड़ रुपये उसकी भावना को सम्मान करते हुए देने का फैसला किया है। ये सुनकर जोश में आए सैनिकों की तालियों से पूरा पांडाल गूंज उठा।

एसएसबी के जवानों पर दोहरी जिम्मेदारी

गृहमंत्री राजनाथ ¨सह ने कहा कि एसएसबी के जवानों पर दोहरी जिम्मेदारी है। खुला बार्डर होने के कारण उनकी जिम्मेदारी केवल सीमा की रक्षा की नहीं बल्कि सीमा से सटे इलाकों की सुरक्षा की भी है। इतना ही नेपाल से भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों की रक्षा व सुरक्षा का जिम्मा भी इन जवानों पर है क्योंकि नेपाल के साथ भारत के रिश्ते घर-परिवार जैसे हैं। सीमा की रक्षा के साथ ही दोनों देशों के संबंधों की रक्षा करना भी इन जवानों को बखूबी सीखना चाहिए और खुशी है कि एसएसबी के जवान उसमें अब तक खरे उतरे हैं।

झारखंड और कश्मीर में भी एसएसबी का रोल अहम

गृहमंत्री ने सम्मेलन में जवानों का जमकर मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि एसएसबी ने केवल भारत-नेपाल और भारत-भूटान की सीमाओं की ही रक्षा नहीं की बल्कि देश के अन्य राज्यों में आंतरिक सुरक्षा का दायित्व भी पूरी जिम्मेदारी से उठाया। बीते दिनों झारखंड के दुमका के एसएसपी की हत्या करने वाले नक्सली मार गिराने वाले आपरेशन में एसएसबी का अहम रोल है और कश्मीर में होने वाले खास आपरेशन में भी एसएसबी के जवान अपना अहम किरदार निभाते हैं। एसएसबी के अस्पताल में जनता का भी इलाज

एसएसबी कैंपस में बने अस्पताल में अब आम जनता का आपात परिस्थितियों में इलाज किया जा सकेगा। ये कहते हुए गृहमंत्री ने कहा कि कम से कम शस्त्रधारकों का इलाज एसएसबी के अस्पताल में किया जा सके इसकी पूरी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय विद्यालय के बनने को लेकर जगह की दिक्कत पर भी अपना रुख साफ किया और कहा कि चार एकड़ जमीन का पहले ही आवंटन किया जा चुका है।

राजनीति पर कुछ भी बोलने से गुरेज किया राजनाथ ने

यहां प्रेसवार्ता में गृहमंत्री ने राजनीति पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस वक्त सेना के कार्यक्रम में हैं और राजनीति से जुड़े किसी भी सवाल का उत्तर नहीं देंगे। सर्वणों को आरक्षण के मुददे पर वह एक लाइन ही बोलकर इसे बड़ा और हितकारी निर्णय बताकर दूसरे सवाल की ओर मुखातिब हो गए। बोले जवान ऐसा सिस्टम हो तो जान की परवाह किसे

फोटो नंबर 11 से 15

एसएसबी के सैनिक सम्मान में गृहमंत्री को सुनने की बेचैनी जवानों में भी साफ नजर आई। दैनिक जागरण ने सुबह से ही गृहमंत्री को सुनने के लिए बेकरार जवानों से बात की तो उनका उत्साह भी सातवें आसमान पर नजर आया। एसएसबी के जवान मुकेश यादव ने कहाकि सैनिक केवल सम्मान का ही भूखा है उसे और किसी की परवाह नहीं। ये अच्छी सोच है इससे जवानों का मनोबल बढ़ेगा। सैनिक दुर्गेश पासवान ने सरकार के फैसले की सराहना की और इसे फौजियों के हितों की दिशा में सराहनीय कदम बताया। इसी तरह जवान रजनीश सक्सेना, शिवकुमार व अख्तर अली ने भी कहा कि सरकारों के भरोसे ही सैनिक अपनी जान तक की बाजी लगाता है। किसी भी मौसम की परवाह किए बिना हर वक्त सरहद की रक्षा करता है। ये अच्छी पहल है कि सरकार ने उनके बारे में इतना सोचा। इससे जवान दोगुने जोश के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम देगा।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप