लखीमपुर : केंद्र सरकार के बजट से व्यापारी वर्ग को खासी उम्मीदें हैं। व्यापारी वर्ग को इस बजट से राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर ऑनलाइन बिजनेस से मिल रही जबर्दस्त चुनौती के चलते रिटेल बिजनेस को बेहद नुकसान हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में आर्थिक मंदी के चलते व्यापार में बेहद सुस्ती आई है। व्यापारियों की सबसे पहली उम्मीद ये है कि इस बजट में कुछ ऐसी व्यवस्था हो कि लोगों की खरीदारी की क्षमता में बढ़ोतरी हो। जब लोगों के खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी तभी उद्योग और व्यापार का विकास होगा। मुद्रा योजना को लेकर व्यापारियों की अपेक्षा ये है कि इसका दायरा बढ़ाया जाए ताकि नए और वास्तविक व्यापारियों को व्यापार के नए अवसर मिलें और उन्हें व्यापार करने में आसानी हो। स्वास्थ्य व शिक्षा बजट में हो बढ़ोतरी

आगामी बजट में सरकार को स्वास्थ्य एवं शिक्षा बजट में बढ़ोतरी करनी चाहिए। बजट में किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बजट ऐसा हो जिससे लगातार बढ़ रही महंगाई पर रोक लगाई जा सके और अधिक कर संग्रह के लिए मौजूदा टैक्स स्लैब में बदलाव की अत्यंत आवश्यकता है। मेरा ऐसा मानना है कि यदि इसमें बढ़ोतरी होती है तो टैक्स देने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और टैक्स का कलेक्शन भी बढ़ेगा।

- डॉ. एमआर खान, सचिव आइएमए लखीमपुर

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महिलाओं को किचन की चिता

बजट हम महिलाओं की अपेक्षा के अनुरूप नहीं बनाया जाता। रसोई गैस महंगी होती जा रही है लेकिन, सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। महिलाएं ही घर चलाती हैं। घर का सारा बजट महंगाई की वजह से बिगड़ जाता है। उम्मीद है इस बजट में महिला वित्तमंत्री महिलाओं का कुछ ध्यान रखकर बजट तैयार करेंगी। इसके आलावा सरकार शिक्षकों का भी ध्यान रखे। पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी की जाए और सांसद, विधायकों की पेंशन बंद की जाए। यह पेंशन 60 वर्ष तक सेवा करने वाले सभी राज्य कर्मियों को दी जाए। ऐसा प्रावधान बजट में पेश किया जाए।

- प्रिया श्रीवास्तव, शिक्षिका प्राथमिक स्कूल

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बजट में उच्च शिक्षा के लिए हो प्रावधान

छात्राओं के हित में कुछ और प्रावधान किए जाएं। बालिकाओं के जन्म पर दी जाने वाली धनराशि भी वर्तमान परि²श्य के हिसाब से बहुत कम है उसमें इजाफा करना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए हर जिले में व्यवस्था को बजट पास हो। छात्रों को रोजगार अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इस बजट से उम्मीद है कि विद्यार्थियों का भला होगा।

- हुमा, छात्रा डिग्री कॉलेज

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एक्सपर्ट की सुनिए..

यह बहुत दुखद है कि ग्यारह वर्ष में आज हमारे देश की जीडीपी सबसे नीचे जा रही है। हमें उम्मीद है ऐसा बजट सरकार पेश करेगी जिससे विकास दर बढ़ेगी। बेकारी दूर करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मध्यम वर्गीय लोगों की बचतों को प्रोत्साहित करने के लिए छोटी-छोटी बचतों पर ब्याज दर बढ़ाई जाएगी। लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ाने के लिए कम ब्याज दर पर गरीबों को ऋण दिए जाएंगे। महिलाओं की सुरक्षा में आवंटित फंड में वृद्धि होगी। शिक्षित बेरोजगारी दूर करने के लिए रोजगार के नए-नए अवसरों में वृद्धि की जाए।

-सुरेश सौरभ, साहित्यकार हिदी विभागाध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुरादनगर, लखीमपुर खीरी।

Posted By: Jagran

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