लखीमपुर: सब्जियों का जायका बनाने वाला प्याज इनदिनों अपनी कीमतों को लेकर एक बार फिर से सुर्खियों में है। हालत ये है कि पिछले दो दिन से प्याज सौ से सवा सौ रुपये किलो बिकने लगा है। प्याज की बढ़ती कीमतों ने ठंड और शीत लहर में लोगों का पसीना छुड़ा दिया है।

गुरुवार को डीएम दफ्तर में इस सवाल पर प्याज चर्चा का विषय बन गया। बढ़ी कीमतों पर डीएम शैलेंद्र सिंह का फोन घनघनाया तो अचानक जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह, जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय भार्गव, मंडी सचिव वीके शर्मा हरकत में आ गए। 100 से 120 रुपये किलो तक बिकने वाला प्याज मंडी रिकॉर्ड, उपलब्धता और कीमतों को लेकर अपडेट जुटाया जाने लगा। इस बीच डीएम प्याज के संदर्भ में जिला उद्यान अधिकारी से बात करते हुए अचानक यह पूछ बैठे कि, अच्छा बताइए.. अब प्याज का रेट कब कम होगा? डीएम ने कई बार अधिकारियों से प्याज के स्टॉक, सप्लाई और जमाखोरी के बिदु पर चर्चा की।

35 रुपये में प्याज मिलना हुआ बेमानी, सरकारी दुकान भी बंद

प्याज की बढ़ती कीमतों से आम जनता को राहत दिलाने के लिए शासन ने 20 दिन पहले सरकारी दुकान से 35 रुपये किलो प्याज बेचने का निर्देश दिया था। मंडी सचिव को प्याज उपलब्ध कराने और उद्यान विभाग को कर्मचारी तैनात करना था। दोनों विभागों के अधिकारियों ने मंडी गेट पर एक दुकान भी खोली लेकिन, सस्ते दर पर प्याज देने वाली यह दुकान तीन या चार दिनों के बाद बंद हो गई। इसके बाद यहां न तो कभी प्याज आई और न ही कर्मचारी। जिला उद्यान अधिकारी का तर्क है कि प्याज की कीमतें कम होने के कारण दुकान बंद की गई।

अब 25 एमटी ही कर सकते हैं भंडारण

खाद्य तथा रसद विभाग के आयुक्त मनीष चौहान ने भारत सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक अब सिर्फ 25 एमटी प्याज के भंडारण की सीमा तय की है। पहले 50 एमटी तक छूट गई थी। अधिकारियों को लगातार छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

400 क्विंटल है स्टॉक, आवक रहेगी कम

राजापुर मंडी के रिकॉर्ड में छह फर्मों के पास अलग-अलग मात्रा में करीब 400 क्विंटल प्याज स्टॉक है। गुरुवार को मंडी से थोक रेट में प्याज 40 रुपये से लेकर 55 रुपये किलो की निकासी हुई। बताया जा रहा है कि अगले कुछ और दिनों तक प्याज के महंगा रहने का अनुमान है।

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