लखीमपुर: बस थोड़ा सा इंतजार बाकी है और लखीमपुर की दशकों पुरानी मांग पूरी होने को तैयार है। अभी शुरुआत में दो ट्रेनों से सेवा का शुभारंभ हो रहा है लेकिन खीरी वालों को यहां से आने जाने के लिए सेंच्युरी और इंटरसिटी जैसी कई पुरानी ट्रेनों का भी बेचैनी से इंतजार है। ये वहीं ट्रेन हैं जिनसे लखीमपुर से लखनऊ का सफर पूरा कर यात्री दिन के दिन वापस अपने घर लौटते थे। ये वहीं ट्रेनें हैं जिनसे न जाने कितने छात्र, व्यापारी, नौकरी पेशा लोग लखनऊ तक आया जाया करते थे। अब जब ट्रेन शुरू होने की उम्मीदें जल्दी ही पूरी होने वाली हैं तो इन ट्रेनों को चलाए जाने की मांग भी उठने लगी है।

कभी छोटी लाइन के रेलवे स्टेशन पर गाड़ियां आया जाया करतीं थीं तो सबसे ज्यादा इंतजार सेंच्युरी एक्सप्रेस का होता था। सुबह छह बजे लखनऊ के लिए निकलने वाली ये ट्रेन हर हाल में साढ़े नौ या दस बजे तक यात्रियों को लखनऊ पहुंचाया करती थी। वापसी में ये ट्रेन सवा पांच बजे ऐशबाग से चलती और रात नौ बजे वापस लखीमपुर आती थी फिर वाया गोला-मैलानी होते हुए पलिया दुधवा तक जाती थी। लखीमपुर जिले की लाइफलाइन कहीं जाने वाली ये ट्रेन जल्दी ही शुरू हो ये मांग अभी से उठने लगी है। इसके अलावा इंटरसिटी ट्रेन भी लखीमपुर रेलवे स्टेशन से लोगों को खासा शुकून देती थी।

यहां नहीं रुकेगी बड़ी लाइन एक्सप्रेस ट्रेनें

बड़ी लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो इससे पहले ये जान लेना भी जरूरी है कि अब नई व्यवस्था के बाद एक्सप्रेस ट्रेन कहां नहीं रुकेगी। लखीमपुर के बाद खीरी, ओयल, परसेहरा माल, झरेखापुर, खैराबाद, कमलापुर, अटरिया, इटौंजा, बख्शी का तालाब, और डालीगंज इन स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा। अब इसे दूसरी भाषा में कहें तो बड़ी लाइन की एक्सप्रेस ट्रेन लखीमपुर से लखनऊ के बीच केवल चार जगह ठहरेगी। इसमें हरगांव, सीतापुर, सिधौली और ऐशबाग में ही रुकेगी।

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Posted By: Jagran

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