लखीमपुर : आरक्षण के विरोध में समतामूलक समाज की स्थापना के लिए आरक्षण विरोधी संघर्ष समिति ने रविवार को नसीरुद्दीन हाल में एक बैठक की। बैठक संयोजक अर¨वद शुक्ल की अगुवाई में एवं डॉ. ओमकार नारायण दुबे की अध्यक्षता हुई। जातिगत राजनीति को खत्म कराने, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू कराने, एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा करते हुए संगठन के विस्तार के लिए कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपा गया। आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई। चर्चा की शुरुआत करते हुए डॉ. ओमकार नारायण दुबे ने जातिगत आरक्षण को देश की प्रतिभाओं का हनन करने वाला बताया। राजकिशोर पांडेय प्रहरी ने जातिगत आरक्षण को देश को बांटने वाला बताते हुए इसे जल्द से जल्द समाप्त करने की मांग की। संयोजक अर¨वद शुक्ल ने जातिगत आरक्षण को देश को सबसे विनाशकारी एवं बांटने वाली राजनीति को मानते हुए इसे जल्द से जल्द आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। सुयश शुक्ल ने जातिगत आरक्षण को खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि जातिगत आधार से न केवल प्रतिभा का हनन हो रहा है बल्कि गरीब दलित वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दीपक त्रिवेदी ने जातिगत आरक्षण को गैर जरूरी बताते हुए इसे देश के विकास में बाधक मानते हुए इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। नैमिष शुक्ल ने सर्व समाज की एकता एवं देश के विकास के लिए समतामूलक समाज की स्थापना करने की मांग की। पारसनाथ अवस्थी ने कहा कि जब गरीबी जाति देखकर नहीं आती तो फिर आरक्षण जाति के आधार पर क्यों। बैठक में अमित शुक्ल, नीरज पांडे, राकेश ¨सह एडवोकेट, विनय मिश्र, अनुराग तिवारी, जीतेंद्र तिवारी, मनीष तिवारी, मनीष कुमार, जीतेंद्र रस्तोगी, विनय श्रीवास्तव, अभय प्रताप ¨सह, शिवम प्रताप ¨सह, कृष्ण कांत त्रिवेदी, आशीष गौड़, सुष्मित अवस्थी, नित्यानंद तिवारी, सोनू पांडेय, शिवा नंद शुक्ल, विपिन शुक्ल एवं अत्येंद्र मिश्र के साथ अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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