लखीमपुर: गुरुवार को शहर के जिला अस्पताल में भी जगह नहीं बची। सारे बेड, सारे वार्ड भर गए। इमरजेंसी वार्ड में पैर रखने तक की जगह नहीं रही। सांस के, बुखार के अलावा दुर्घटनाओं के मरीज भी आए पूरे दिन अस्पताल में मरीजों की आमद रफ्त रही। निजी अस्पतालों के ज्यादातर बंद होने के कारण कोरोना काल में मरीजों की भरमार सीधे जिला अस्पताल में हो रही है।

शहर का जिला अस्पताल गुरुवार को सुबह से मरीजों से भरा रहा। 10 बजे तक तो अस्पताल में खामोशी छाई थी लेकिन, जैसे-जैसे दिन चढ़ने लगा, 12 बजे के बाद से वहां भीड़ भी बढ़ने लगी। ज्यादातर सांस के और बुखार के मरीज जिला अस्पताल में भर्ती किए गए। चिकित्सकों के मुताबिक अस्पताल में बुखार के करीब 22 मरीज भर्ती किए गए हैं। इसके अलावा टूटे-फूटे दुर्घटना के पांच मरीज आए हैं। उधर इमरजेंसी में अन्य बीमारियों के करीब 10 नए मरीज आए हैं। शाम तक जिला अस्पताल में करीब 15 मौतें भी हो गई इसमें सांस के तथा बुखार के मरीज शामिल थे, दो मरीज जिला अस्पताल में आने के बाद मृत घोषित किए गए हैं। पूरे दिन जिला अस्पताल में भीड़भाड़ का माहौल रहा। निजी अस्पतालों के ज्यादातर बंद होने से मरीजों को जिला अस्पताल आना ही मजबूरी हो गई है। सांस की बीमारी से रोज 25 से 30 मौतें, 449 नए संक्रमित मिले कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा मरीज सांस की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जिनके इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है। चिताजनक किया है कि जिला अस्पताल में उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा और औसतन रोज 25 से 30 मौतें हो रही हैं। संसाधनों और दवाइयों की कमी के कारण लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इधर, पिछले 24 घंटे में लखनऊ लैब से कुल 769 रिपोर्ट आई। जिसमें 278 पॉजिटिव व 491 निगेटिव है। अन्य लैब व एंटीजन से 171 पॉजिटिव मिले हैं। सबसे ज्यादा ब्लॉक लखीमपुर में 142 मरीजों की पहचान हुई है। नकहा, ईसानगर में दो-दो, फूलबेहड़ में सात, धौरहरा में तीन, निघासन में 22, रमियाबेहड़ में 16, बांकेगंज में 10, पसगवा में 25, मितौली में 18, कुम्भी में 130, पलिया में 11, बिजुआ में 19, बेहजम में 13 तथा मोहम्मदी में 29 नए मरीज मिले हैं। जिससे जिले में एक्टिव केस 3748 हो गए हैं। अब तक कोरोना से 148 लोगों की मौत हो चुकी है।