लखीमपुर : माता जगत जननी के नए स्वरूप सिद्धिदात्री के पूजन के साथ-साथ नवरात्रि का पर्व संपन्न हुआ। शुक्रवार को दशहरे के दिन मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। इसे लेकर संकटा देवी, बंकटा देवी तथा शीतला देवी भुइंया माता मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा, वहीं देवी पंडालों में भी जबरदस्त भीड़ दिखाई दी। सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चला। लोगों ने मंदिरों तथा घरों में हवन पूजन किया।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के द्वारा नौ दिन तक चल रहे 24 हजार गायत्री जप के बाद साधकों ने वहां पूर्णाहुति की। शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए मास्क लगाकर गायत्री भक्तों ने नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ में भागीदारी की।

संकटा देवी मंदिर में भक्तों का लंबा तांता लगा रहा। कथा व्यास राधा माधव दास ने भी भगवान राम की कथा का सार समझाते हुए सभी को समाज में एक दूसरे से प्रेम करने की शिक्षा दी। पड़रियातुला: गांव में ग्राम देवता की पूजा धूमधाम से की गई। नवरात्रि के समापन पर दुर्गा मंदिर पर हवन किया गया और सभी अन्य देवताओं की पूजा की गई। ग्राम प्रधान पप्पू राज ने बताया कि सारा दिन भंडारा चलता है।

भीरा: शारदीय नवरात्रि पर मां के भक्तों ने नवमी पर कन्याओं को भोजन के रूप में पूड़ी, सब्जी, खीर दही, जलेबी प्रसाद के रूप ग्रहण कराया और दान पुण्य कर मां जगत जननी से क्षेत्र की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की। नवमी पर किया समाज सेवियों ने कन्याओं का पूजन गुरुवार को सेवा भारती ने नवमी पूजन के अवसर पर निर्धन अभावग्रस्त वंचित परिवारों की कन्याओं का पूजन व पाल्य संकल्प किया। सौभाग्य पैलेस में आचार्य पंकज शास्त्री के पौरोहित्य में 31 कन्याओं का पूजन-अर्चन यजमान के रूप में समाज के नागरिकों द्वारा किया गया। कुछ कन्याओं का पाल्य संकल्प कार्यक्रम भी किया गया।

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