पलिया कलां (लखीमपुर): नेपाली नागरिकों से लाखों रुपये की नकदी से भरा बैग छीनने और बाद में 2.82 लाख रुपये सीज करने के मामले में एसएसबी घिरती नजर आ रही है। नेपाली नागरिकों का आरोप है कि उनके बैग में 6.33 लाख रुपये की रकम थी। इस मामले में उन्होंने खीरी कप्तान को भी शिकायती पत्र सौंपा है। जिसके बाद एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने आगे आकर एसएसबी अधिकारियों से वार्ता की। इसका परिणाम यह निकला कि एसएसबी अधिकारियों ने 2.82 लाख रूपये की रकम नेपाली नागरिकों को वापस करवा दी है और शेष रकम को लेकर जांच की बात कही है।

दरअसल एसएसबी चंदनचौकी ने पिलर संख्या 151 के पास तीन नेपाली लोगों की तलाशी ली थी। जिसमें उनके पास से नोटों से भरा बैग बरामद हुआ था। जिसे मय नेपाली नागरिकों के एसएसबी कैंप ले जाया गया था। बाद में रूपया सीज करने की बात कहकर उन्हें वहां से भगा दिया गया था। बीर बहादुर व उसके साथी नेपाल स्थित अपने गांव पहुंचे थे और पूरी बात बताई। उनका कहना था कि वे लोग बेंगलूर में काम करते है और वहीं से कमाई करके लौट रहे थे। उनकी कई सालों की कमाई ही उनके पास थी। विवाद तब गर्मा गया जब नेपाली नागरिकों ने रकम 6.33 लाख रूपये बताई जबकि एसएसबी ने 2.82 लाख रूपये सीज करने की बात कही। मामले की शिकायत पीड़ित नेपाली नागरिकों ने कप्तान खीरी से की थी। इत्तेफाक से उसी शाम कप्तान डॉ. एस चन्नप्पा पलिया आए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने एसएसबी कमांडेंट से वार्ता की थी। फलस्वरूप सीज की गई 2.82 लाख रूपये की रकम नेपाली नागरिकों को वापस करा दी गई है। इसकी पुष्टि सीओ प्रदीप यादव ने की। उन्होंने बताया एसएसबी द्वारा सीज की गई रकम नेपाली नागरिकों को लौटा दी गई है। यह भी आश्वासन दिया गया कि नेपाली नागरिकों के दावे यानि 6.33 लाख रुपये की रकम के बाबत एसएसबी के अधिकारी विभागीय जांच कर रहे है। जांच का जो परिणाम आएगा उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी।

Posted By: Jagran

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