लखीमपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस कार्य समिति सदस्य जितिन प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री धौरहरा आए और लइया चना बांटकर चले गए। बाढ़ पीड़ितों से मिलना तो दूर उनकी समस्याओं को भी जानने की कोशिश उन्होंने नहीं की। यहां बाढ़ पीड़ित त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुख्यमंत्री के आगमन से कुछ आस जगी थी, लेकिन वह भी सिर्फ दूर से हाथ हिलाकर चले गए। जितिन प्रसाद ने ये बातें शुक्रवार को धौरहरा विधानसभा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सहाबुद्दीनपुरवा में बाढ़ पीड़ितों से मिलते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग सिर्फ फोटो ¨खचवाने तक सीमित हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिले में मुख्यमंत्री बार-बार आते हैं और सिर्फ हवाई सर्वे करके अधिकारियों से मशविरा कर चले जाते हैं। वास्तव में जो बाढ़ पीड़ित हैं, उनको अधिकारी नजर अंदाज किए हुए हैं। पीड़ित परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे जीने को विवश हैं। ऐसे लोगों से मुख्यमंत्री को मिलना चाहिए था, पर उन्होंने पीड़ितों से मिलने के बजाय नेताओं और अधिकारियों से मिलना ज्यादा मुनासिब समझा। जनता भाजपा की नीतियों, उसके काम करने के तरीकों और पीड़ित व शोषित लोगों के प्रति उदासीनता को अच्छी तरह समझ चुकी है। जितिन प्रसाद ने कहा कि धौरहरा के सभी पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए वे हर स्तर की लड़ाई लड़ेंगे। इससे पहले जितिन प्रसाद कटौली में स्थित आंख के परीक्षण कैंप में पहुंचे। यह कैंप श्राफ चैरिटी आइ हॉस्पिटल मोहम्मदी की ओर से आयोजित किया गया है। उक्त कैंप में 300 से ज्यादा मरीजों का निश्शुल्क परीक्षण किया गया और उन्हें औषधियां वितरित की गईं। इस दौरान देवराज ¨सह, राजीव अग्निहोत्री, राघवेंद्र ¨सह, सुजीता कुमारी, पप्पू वर्मा, कमलेश मिश्रा, नवीन पांडेय, जमाल अहमद, गणेश प्रताप ¨सह, सर्वेश, राजेश अवस्थी, रामेंद्र शुक्ला, ओम प्रकाश गुप्ता, जीतू भार्गव, सुशील श्रीवास्तव, अनिल गुप्ता, रामजी सेठ, बाबूराम, सोम ¨सह रहे।

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