संवादसूत्र, लखीमपुर: जिले में कोरोना के रोगियों की रफ्तार तेज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के प्रबंध भी तेज कर दिए हैं। टीकाकरण कराया जा रहा है, रोगी भर्ती कराए जा रहे हैं। एक्टिव 681 में से 314 घरों पर आइसोलेटेड हैं। इस बारे में सीएमओ डा. शैलेंद्र भटनागर ने नई गाइडलाइन का जिक्र करते हुए बताया होम आइसोलेशन में उन्हीं रोगियों को रखा जाएगा, जिन्हें स्वास्थ्य अधिकारी बिना लक्षण वाले रोगी के रूप में पुष्टि करेंगे। ऐसे रोगी के घर में एक अलग हवादार कमरा होना चाहिए, साथ ही अलग शौचालय होना चाहिए। रोगी की देखभाल करने के लिए एक व्यक्ति हो जिसे कोविड के टीके की दोनों डोज लगी हों। रोगी तीन लेयर वाले मेडिकल मास्क का उपयोग हमेशा करें, हर आठ घंटे बाद नए मास्क का उपयोग किया जाए। रोगी पल्स आक्सीमीटर के साथ आक्सीजन स्तर और शरीर के तापमान की जांच स्वयं करें। पैरासीटामाल के सेवन से भी बुखार नहीं उतरता है तो डाक्टर से परामर्श लें।

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इन्हें सिर्फ डाक्टर की सलाह से ही मिलेगा होम आइसोलेशन

सीएमओ डा. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि कैंसर, एचआइवी और ट्रांसप्लांट के रोगियों को होम आइसोलेशन की इजाजत नहीं है, यदि उनके डाक्टर होम आइसोलेशन की अनुमति देते हैं तभी वह होम आइसोलेशन में रह पाएंगे। उच्च रक्तचाप, हृदय की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, फेफड़े की बीमारी, लिवर की बीमारी सेरिब्रल और वस्कुलर की बीमारियों से ग्रसित रोगी डाक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रह पाएंगे।

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बिना सलाह न लें यह दवा

कोरोना संक्रमित रोगी दिन में गर्म पानी से गरारा करें या दिन में तीन बार भाप ले सकते हैं। रोगी को बिना डाक्टर की सलाह के स्टेराइड दवा का सेवन नहीं करना है क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स होते हैं। रोगी, चिकित्साधिकारी की सलाह से ही बीमारियों की दवाएं लें तो बेहतर है।

Edited By: Jagran