पलियाकलां/भीरा (लखीमप र) : बाढ़ एवं कटान प्रभावित इलाकों

में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ही एनडीआरएफ टीम ने कैंप लगाना शुरू कर दिया है। जंगल नंबर सात, मेलाघाट, छंगा टांडा के पीड़ितों के लिए ये कैम्प आयोजित किए गए। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बिजुआ सीएचसी द्वारा किया गया था, जिसकी कई दिनों से मांग भी उठ रही थी। कटान पीड़ित गांवों के 150

से अधिक परिवार इधर उधर सड़कों के किनारे बसे हुए हैं। जिनके लिए दवाओं का वितरण किया गया। अलग-अलग टीमों ने दवाएं वितरित कीं गईं साथ ही शिविर का आयोजन हुआ। वहीं 11वीं वाहिनी लखनऊ से आई एनडीआरएफ टीम ने मेलाघाट के अलावा जंगल नंबर सात और छंगा टांडा के पीड़ितों के लिए भी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। जिसमें बाढ़ सहित अन्य दैवीय आपदाओं संबंधित जानकारी विस्तार से दी गईं। भारी संख्या में ग्रामीण व बच्चों ने जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम में शामिल निरीक्षक दशरथ व अन्य सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि किस तरह बाढ़ से निपटने के लिए देशी विधि तैयार होती है। बताया कि प्लास्टिक की बोतल, जरीकेन, लकड़ी के पके फंदे, बांस तथा गाड़ी के ट्यूब से हम खुद भी बाढ़ के दौरान बचाव सामग्री बना सकते हैं। इसके अलावा भूकंप, सड़क दुर्घटना व सांप

से काटने पर किए जाने वाले उपायों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दीं। जागरूकता कार्यक्रम में 190 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान कानूनगो रामपाल राजवंशी, लेखपाल श्रीप्रकाश यादव सहित भारी संख्या

में ग्रामीण मौजूद रहे।

Posted By: Jagran