लखीमपुर : शहर के मुहल्ला कपूरथला में रहने वाली पूर्णिमा मौर्य इको फ्रेंडली राखी बना रही हैं। पूर्णिमा मौर्य के साथ उनकी छोटी बहन गरिमा मौर्य भी राखी बना रही हैं। दोनों बहनों का कहना है कि यह राखियां बाजार में बिकने वाली राखियों से न केवल सस्ती हैं, बल्कि यह पर्यावरण को भी प्रभावित नहीं करती हैं।

उनका कहना है कि हर त्योहारों पर ज्यादातर ऐसे काम हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है लेकिन, यह सस्ती राखियां आसानी से घर में बनाई जा सकती हैं। वे इन राखियों को व्यापार के लिए न बनाकर बल्कि लोगों को बनाना सिखा रही हैं। साथ ही साथ यदि कोई जरूरतमंद मिलता है तो वे उसे राखियां निश्शुल्क दे देती हैं। पूर्णिमा मौर्य बताती हैं कि कपड़ा सिलाई करने वाली साधारण से लेकर उसी धागे से यह रक्षा बनाई जा सकती है। क्रोशिया के द्वारा दिन करके खूबसूरत राखी का रंग दिया जा सकता है। इसमें अन्य कई रंग के धागे मिला करके यह राखी रंग बिरंगी बन जाएगी इसमें प्लास्टिक या झिल्ली ऐसी कोई चीज न होने के कारण खराब होने के बाद यह आसानी से नष्ट हो जाएगी। इससे जमीन में उर्वरा शक्ति का कोई नुकसान नहीं होगा। इसके साथ ही कपड़ा सिलाई वाले धागे काफी मजबूत होते हैं। इसलिए यह राखी जल्दी टूटेगी भी नहीं एक बड़ी बात यह है कि यह राखियां धो कर फिर साफ की जा सकती है और पहले की तरह ही चमकने लगेंगी।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस