लखीमपुर : बुधवार देर शाम डीएम ने धान खरीद 2021 के तहत वर्चुअल बैठक की। कहा कि किसानों से क्रय केंद्रों के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद में खलल डालने वालों पर सख्ती होगी।

डीएम अरविद कुमार चौरसिया ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को सचेत करते हुए कहा कि यदि कोई भी क्रय केंद्र बंद मिला तो त्वरित व कड़ी विधिक कार्यवाही करेंगे। किसानों का धान खरीदने में आनाकानी करने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों पर एफआइआर दर्ज कराते हुए उन्हें जेल भेजेंगे। सभी एसडीएम अपने स्तर पर पेंडिग सत्यापन शनिवार तक प्रत्येक दशा में पूर्ण करें। एसडीएम अपने क्षेत्र के प्रत्येक राइस मिल का स्टाक चेक करते हुए वहां एक-एक लेखपाल की ड्यूटी लगाएं, जो यह सुनिश्चित कराए कि वहां धान की खरीद न हो।

उन्होंने कहा कि सभी लेखपाल अपने आवंटित सभी राजस्व ग्रामों में कम से कम 25-25 लघु एवं सीमांत किसानों को चिन्हित करते हुए उनका पंजीकरण, सत्यापन कराते हुए क्रय केंद्रों पर उनका धान बिकवाएंगे। डीएम ने डिप्टी आरएमओ को निर्देश दिए कि वह क्रय केंद्रवार उन्हें डेली रिपोर्टिंग करेंगे। प्रत्येक मंडी सचिव का उत्तरदायित्व होगा कि किसानों का धान सीधे क्रय केंद्रों पर पहुंचे।

एडीएम संजय कुमार सिंह ने कहा कि धान खरीद के सत्यापन में सतर्कता व सावधानी बरतें। गन्ने के स्थान पर धान का सत्यापन कदापि न करें। सत्यापन रिपोर्ट में गड़बड़ मिली तो क्षेत्रीय लेखपाल नपेंगे। किसानों का सुगमता से रजिस्ट्रेशन के लिए उन्हें फैसिलिटेट कराएं। वर्चुअल बैठक में सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता सूर्यकांत मिश्र एवं पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में संबंधित अधिकारी, सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक व क्रय केंद्र प्रभारी समेत सभी लेखपाल वर्चुअल जुड़े।

पलिया मंडी में स्थापित सात क्रय केंद्र में अभी नहीं हुई धान की खरीद

धान खरीद केंद्रों की स्थापना होने के बाद भी अभी उसकी खरीद शुरु नहीं हो पाई है। धान में नमी अधिक होने के कारण उसकी खरीद नहीं हो पा रही है। हालांकि अब तक 411 किसान अपना दान बेंचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं जिसमे से 355 किसानों का सत्यापन भी हो चुका है। शासन स्तर से आठ क्रय केंद्रों को स्थापित करने की अनुमति दी गई है। जिसमे एक क्रय केंद्र चंदनचौकी व एक भानपुर के लिए आवंटित है। इसमे चंदनचौकी में क्रय केंद्र तो लगा है पर भानपुर का केंद्र पलिया मंडी समिति में ही लगा है। एसडीएम डा. अमरेश कुमार ने बताया कि पलिया मंडी में कुल सात खरीद केंद्र खुले हैं लेकिन, अभी तक धान की कोई खरीद नहीं हुई है। कारण यह है कि धान में अभी नमी ज्यादा है। सरकारी मानक के मुताबिक 17 फीसद नमी युक्त धान की खरीद की जा सकती है लेकिन धान में इस समय 18 से 23 फीसद तक नमी पाई जा रही है। इसलिए किसानों को दान को सुखाकर लाने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को उन्होंने क्रय केंद्रों की जांच की थी जिसमे दो क्रय केंद्र बंद मिले थे इस पर उन केंद्रों के प्रभारियों से जवाब तलब किया गया था जिस पर उन लोगों ने बताया कि वे लोग लखीमपुर नमी मापक यंत्र लेने गए थे। खास बात यह है कि धान में नमी को लेकर ही किसानों का शोषण होता रहा है और अभी भी खरीद में यही समस्या बनी हुई है।

Edited By: Jagran