ईसानगर (लखीमपुर): गड्ढों में भरे शीरे के पानी को मिल प्रबंधक ने मोटर पंप लगवाकर तमोलीपुर गांव की तरफ पानी छोड़ दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम धौरहरा ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने मिल के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करके जांच शुरू कर दी है।

गो¨वद शुगर मिल ऐरा द्वारा तमोलीपुर गांव के समीप जमीन में गड्ढे खोदकर उसमें बड़ी मात्रा में भरवाए गए शीरे को बरसात के दौरान मोटरपंप लगवाकर शीरे युक्त पानी को गांव की तरफ निकालने के बाद जहां ग्रामीणों की पचासों एकड़ जमीन पर लगी फसल नष्ट हो गई। वहीं गांव में गंभीर बीमारियों ने अपने पैर पसार लिए जिसके चलते दर्जनों लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित होकर ¨जदगी से संघर्ष कर रहे हैं। यही नहीं शीरे की वजह से तमोलीपुर गांव में शीरे से उत्पन्न बीमारी से एक मासूम की मौत भी हो गई थी। फिर भी मिल प्रशासन ने अपने कारनामों को विराम न देकर शीरे युक्त पानी का निकालना चालू रखा। जिससे तमोलीपुर गांव सहित आस पड़ोस के गांवों में इसका असर जमीन में भी बुरा प्रभाव डाल दिया। जिसकी वजह से नलों कुओं का पानी भी प्रदूषित हो गया। जिसको पीकर लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। मिल प्रबंधक इसे केवल इत्तेफाक ही समझ रहे हैं। ग्रामीणों ने मिल प्रबंधक से हुई जनधन की हानि के बारे में जब शिकायत की तो उन्होंने उल्टे ही ग्रामीणों को डराकर अपना पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल सहित अपर प्रमुख सचिव चीनी उद्योग, पर्यावरण विभाग एवं राजस्व विभाग को शिकायत के साथ जिलाधिकारी से शिकायत की। जिसको संज्ञान में लेते हुए मिल के खिला़फ जांच कर मु़कदमा पंजीकृत करवाने के आदेश दिए हैं। प्रभारी निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने सोमवार को ग्रामीणों द्वारा की गई जनसुनवाई को गंभीरता से लेते हुए मिल के खिलाफ धारा 269, 270 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

Posted By: Jagran