कुशीनगर : लगातार सात दिनों तक क्रमश: कम हो रहा डिस्चार्ज नदी का रुख बदलने के बाद अचानक बढ़ गया। सोमवार की सायं से डिस्चार्ज बढ़ना शुरु हुआ तो मंगलवार की सुबह यह बढकर डेढ़ लाख क्यूसेक का आंकड़ा पार कर गया। डिस्चार्ज में वृद्धि होने से एपी बांध के कई ¨बदुओं पर दबाव बढ़ गया है। इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और नदी अहिरौली दान में कटान भी करने लगी है। नदी के अचानक इस परिवर्तित रुख से ग्रामीणों के होश उड़े हैं। बताते चलें कि गत 3 सितंबर को डिस्चार्ज 1.56 लाख क्यूसेक था। इसके बाद डिस्चार्ज में प्रतिदिन क्रमश: कमी आती गई। मंगलवार को डिस्चार्ज 1.42 लाख क्यूसेक, बुधवार को 1.29 लाख क्यूसेक, गुरुवार 1.20 लाख क्यूसेक, शुक्रवार को डिस्चार्ज 1.11 लाख क्यूसेक, शनिवार को डिस्चार्ज 1.09 लाख, रविवार को डिस्चार्ज 90 हजार क्यूसेक व सोमवार को प्रात: आठ बजे डिस्चार्ज घटकर 88.3 हजार क्यूसेक पर जा पहुंचा था। बजे डिस्चार्ज बढकर 1.09 लाख और मंगलवार की सुबह 1.5 लाख क्यूसेक पार जा पहुंचा। इससे पिपराघाट में लगे गेज पर जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढकर 75 मीटर पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान 76.2 से मात्र 1.2 मीटर नीचे बह रही है। अचानक नदी के परिवर्तित रुख से एपी बांध के किमी .800 जंगली पट्टी के सामने किमी 1300.00 बाघाचौर व किमी 1400.00 अहिरौलीदान में दबाव के चलते स्थिति संवेदनशील हो गई है। बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाघाचौर में नदी और बांध के बीच कुछ मीटर की दूरी बच गई है। इससे बांध के कटने का खतरा मंडराने लगा है। अगर यहां बांध कटता है तो ग्राम पंचायत बाघाचौर, सिसवा नाहर, बांकखास, अहिरौलीदान, फागू छापर, मठिया श्रीराम, गौरहा, सिसवा अव्व्ल, बेदूपार संकट के दायरे में आएंगे ही बिहार प्रांत के पड़ोसी जनपद गोपालगंज के सैकड़ों गांव बुरी तरह प्रभावित होगे। ज्यो-ज्यों बांध व नदी की बीच की दूरी घटती जा रही है उसी अनुपात में ग्रामीणों के हृदय की धड़कने बढ़ती जा रही है। अहिरौली दान में कटान शुरु हो गई है।।

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बचाव कार्य तेज : एक्सियन

सेवरही : बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता भरत राम ने बताया कि कटान वाले प्वाइंटों पर बचाव कार्य तेज करा दी गई है। बांध सुरक्षित है। रात में जनरेटर चलवाकर काम करवाया जा रहा है।

Posted By: Jagran