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यूपी में ई-चालान को लेकर बड़ा अपडेट, QR कोड स्कैन कर तुरंत जमा कर सकेंगे जुर्माने की राशि

Published: Sun, 27 Sep 2026 06:31 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में अब यातायात नियमों के उल्लंघन पर वाहन चालकों को चालान का जुर्माना भरने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. चालान स्थल पर क्यूआर कोड से तुरंत जुर्माना जमा करें।

  2. जुर्माना भरने के लिए अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

  3. नई नेक्स्ट जेन 2.0 ऐप से प्रक्रिया हुई आसान।

जागरण संवाददाता, पडरौना। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों को अब चालान का जुर्माना जमा करने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। चालान स्थल पर ही क्यूआर कोड के माध्यम से उन्हें जुर्माने की राशि जमा करने की सुविधा मिलेगी। इससे वाहन चालकों को सहूलियत होगी और चालान भुगतान की प्रक्रिया भी आसान बनेगी।

यातायात पुलिस की ई-चालान व्यवस्था अपडेट हुई है। शुक्रवार से रविवार तक चलने वाली इस प्रक्रिया के बाद 28 सितंबर से पुलिस नए यातायात एप नेक्स्ट जेन 2.0 वर्जन के जरिये नियम का पालन न करने वालों का ई चालान करेगी।

इसमें चालान के साथ ही संबंधित वाहन के दस्तावेज लोड किए जा सकेंगे। इससे वाहन चालान होने पर वाहन चालक मौके पर ही क्यूआर कोड से जुर्माना अदा कर सकेंगे। उन्हें किसी कोर्ट या अधिकारी के पास नहीं जाना पड़ेगा।

वन नेशन-वन चालान योजना के तहत अब तक यातायात पुलिस मोबाइल पर मौजूद नेक्स्ट जेन 1.0 साफ्टवेयर के माध्यम से वाहनों का चालान कर रही थी। इसमें जुर्माने की राशि जमा करने के लिए यातायात कार्यालय आने की अनिवार्यता थी।

कार्यालय में भी जुर्माना जमा करने में कई तरह की दिक्कत आती थी। यह देखते हुए नई सुविधा संग यातायात एप के साफ्टवेयर को अपडेट किया गया है। नई व्यवस्था में 90 दिनों तक वाहन का दस्तावेज मोबाइल में फीड रहेगा।

जिले में हर रोज होता है 350 से 400 वाहनों का चालान

जिले में नियमों का पालन न करने पर हर रोज 350 से 400 वाहनों का ई-चालान होता है। यातायात निरीक्षक अश्विनी राय ने बताया कि चालान होने वाले वाहनों में 125 से 150 वाणिज्यिक वाहन तथा शेष चार व दो पहिया वाहन होते हैं।

तीन दिनों तक नहीं हुआ ई-चालान

यातायात एप के अपडेट होने के चलते तीन दिनों तक जिले में ई-चालान व्यवस्था बंद रही। इन तीन दिनों में ई-चालान नहीं हो पाया। यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध यातायात पुलिस ने रसीट काट कर चालान की कार्रवाई की।

यातायात पुलिस का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के साथ ही आमजन को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस पहल से चालान भुगतान की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाने में मदद मिलेगी। -केशव कुमार, एसपी।