कुशीनगर : 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही देश के दूसरे शहरों से आने का शुरू हुआ सिलसिला अभी जारी है। प्रशासन का दावा है कि अब तक लगभग 50 हजार प्रवासी आ चुके हैं। इसमें मध्यम वर्गीय परिवार के लोग भी शामिल हैं, जो बाहर प्राइवेट कंपनियों में काम करते थे। इनके बच्चों की शिक्षा व रोजगार मुहैया कराने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस योजना अभी तक नहीं बनी है।

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अभी 60 हजार लोगों के आने की संभावना

-प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि प्रवासी श्रमिकों के आने का क्रम जारी है। अभी लगभग 60 हजार से अधिक लोगों के आने की संभावना है। क्योंकि प्रतिदिन अलग-अलग प्रांतों से आने वालों का सिलसिला अभी चल रहा है।

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2100 बनाए गए नए जाबकार्ड

-डीसी मनरेगा प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अभी 3377 श्रमिकों ने गांव स्तर पर सचिव व प्रधान को जाबकार्ड के लिए आवेदन किया है, जिसमें अभी तक 2100 लोगों को जाब कार्ड मुहैया कराते हुए उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। अवशेष लोगों की सूची बनाकर शीघ्र ही रोजगार दिलाया जाएगा।

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प्रवासियों का दर्द, अब यहीं करेंगे काम

-लॉकडाउन के दौरान दूसरे शहरों से परिवार व बच्चों को लेकर काफी मशक्कत के बाद घर पहुंचे अधिकतर प्रवासियों ने बताया कि अब लौटने के बजाय घर पर रहकर कोई रोजगार करेंगे।

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शासन के निर्देश पर होगी व्यवस्था

-प्रवासियों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्कूलों के दाखिले के लिए शिक्षा विभाग शासन के निर्देश का इंतजार कर रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक उदय प्रकाश मिश्र व बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार ने कहा कि अभी तक कोई निर्देश नहीं है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद निर्देश के अनुसार तैयारी की जाएगी। बच्चों की दाखिला के साथ मिड डे मील व किताबों की व्यवस्था की जाएगी।

Posted By: Jagran

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