कुशीनगर : कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव मुडिला हरपुर निवासी मयंक पुत्र अरघू रोजी रोटी के लिए एक वर्ष पूर्व लीबिया गए थे। जिस कंपनी में कार्य कर रहे थे उसी कंपनी ने बंधक बना लिया है। सूचना मिलने के बाद से स्वजन उन्हें घर बुलाने की गुहार अधिकारियों से लगा रहे हैं।

मयंक को एक एजेंट 22 हजार प्रतिमाह वेतन मिलने की बात कह कर 70 हजार रुपये लेकर लीबिया भेजा था। वह लीबिया पहुंचा तो 18 हजार रुपये प्रतिमाह पर कंपनी तैयार हुई। एक वर्ष काम करने के बाद आठ माह का वेतन दी, जिस पर श्रमिकों ने काम बंद कर दिया और स्वदेश आने की तैयारी करने लगे। मयंक ने अपने स्जवन को फोन कर बताया है कि कंपनी के लोग उसे बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। धमकी दी जा रही है कि अगर बाहर निकलोगे तो गोली मार दी जाएगी। घर वालों से दूरभाष पर उसने बताया है कि वहां बासी खाना दिया जा रहा है। हमको किसी तरह घर बुला लीजिए। पिता ने भारत सरकार से बेटे की घर वापसी की गुहार लगाई।

टीएसी ने की शिकायतों की जांच

विशुनपुरा विकास खंड के नरचोचवा गांव के पृथ्वीराज पाल की शिकायत पर वर्ष 2015 से 2020 तक कराए गए विकास कार्यों की गुरुवार को टीएसी टीम ने जांच की। पुलिस की मौजूदगी में जांच देर शाम तक चलती रही।

मंडलीय प्राविधिक परीक्षक आरपी चौधरी, जेई धर्मेंद्र कन्नौजिया, अभय मिश्र, आरपी दूबे, सचिव जयप्रकाश सिंह व दारोगा विरेंद्र यादव दोपहर में गांव में पहुंचे। उन्होंने इंटरलाकिग, शौचालय, स्वास्थ्य केंद्र, खड़ंजा समेत सभी बिदुओं की जांच की। सामुदायिक शौचालय के आगे घूरा व नाबदान देख नाराजगी जताई। इंटरलाकिग सड़कों को डैमेज देखा तो खोदाई कराकर ईंट, गिट्टी व बालू के नमूने लिए गए। खलिहान की भूमि पर खड़ंजा निर्माण की भी जांच हुई। जांच टीम के प्रभारी ने बताया कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है। मेजरमेंट किया जा रहा है, उसका अभिलेखों से मिलान कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता पृथ्वीराज पाल, पूर्व प्रधान के पति रामअवध यादव, शैलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।

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