कुशीनगर : एक अप्रैल से शुरू गेहूं खरीद, अधिकारी व केंद्र प्रभारियों के प्रयास के बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। गांव-गांव भ्रमण कर किसानों को जागरूक करने का भी असर नहीं दिख रहा है। हाल यह है कि 47 दिन में 72 क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष महज 2121 किसानों से 14.08 फीसद ही खरीद हो सकी है। 1333.20 लाख रुपये की हुई खरीद में किसानों को 1265.99 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है।

नियमत: किसानों के खाते में 24 से 48 घंटे में बेचे गए गेहूं की धनराशि पहुंच जानी चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। दूसरी ओर विभाग का दावा है कि पहले की अपेक्षा अब खरीद में तेजी आई है।

स्थिति यह है कि खाद्य विभाग की खरीद एजेंसी पर 971 किसानों से 3132.41 एमटी, भारतीय खाद्य निगम के 19 किसानों से 42.45, पीसीएफ के 914 किसानों से 2833.18, पीसीयू के 106 किसानों से 307.66, यूपीएस के 111 किसानों से 300.66 एमटी खरीद अबतक हुई है।

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यह है समर्थन मूल्य

शासन स्तर पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह 1925 रुपये प्रति क्विंटल था।

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कम का नहीं होगा सत्यापन

100 क्विंटल से कम गेहूं बेचने वाले किसानों की खतौनी का तहसील स्तर पर सत्यापन नहीं होगा। यह किसान सीधे क्रय केंद्र पर तौल करा सकेंगे, लेकिन आधार से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

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यह है लक्ष्य

-खरीद लक्ष्य 47000 एमटी

-एजेंसीवार लक्ष्य (एमटी)- खरीद (फीसद में)

-खाद्य विभाग- 10000- 31.32

-भारतीय खाद्य निगम -2000-2.12

-पीसीएफ-24500-11.56

-पीसीयू-6500- 4.73

-यूपीएसएस-4000-7.52

डिप्टी आरएमओ विनय प्रताप सिंह ने कहा कि विभागीय अधिकारी व केंद्र प्रभारी गांवों में भ्रमण कर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही खरीद में तेजी आएगी।

Edited By: Jagran