कुशीनगर : मानस के पात्रों के जरिए गोस्वामी जी ने समाज में आदर्श की स्थापना की है। जीवन के हर कार्य में हम मानस से प्रेरणा ले सकते हैं। रामकथा मानव जीवन को आदर्श बनाने की कुंजी है।

यह बातें गौरीश्रीराम स्थित जगदीश पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित रामकथा के छठवें दिन कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कही। उन्होंने रामायण के विभिन्न पात्रों, मानस की चौपाइयों तथा विभिन्न उदाहरण व प्रसंगों का हवाला देते हुए चरित्र स्थापना की व्याख्या की। कहा कि माता कौशल्या ने पति के वचनों का मान रखने के लिए कैसे अपने ममतामयी मन को कठोर बनाकर अपने पुत्र के वनवास को स्वीकार किया। जबकि माता कैकई ने अपने मन को कठोर बनाकर स्नेह का परित्याग किया। यदि रामायण में कैकई का पात्र ना होता तो रामकथा बालकांड में ही समाप्त हो जाती।

मंगलाचरण और पूजन में जगदीश सेवा न्यास के अध्यक्ष मदन मोहन पांडेय, आरएसएस इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा. बालमुकुन्द पांडेय, राष्ट्रीय किसान सभा के प्रदेश महामंत्री सियाशरण उर्फ सप्पू पांडेय, अवधेश पांडेय, आचार्य उमेश पांडेय चंद्रशेखर सिंह, शिक्षा मंत्रालय के उपनिदेशक डा. सौरभ कुमार मिश्र, अरुण कुमार मिश्र, ज्योति मिश्रा, सेवानिवृत्त एआरटीओ अजय त्रिपाठी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दिवाकर मणि आदि मौजूद रहे।

भोजपुरी गायक मनोज तिवारी आज बिखेरेंगे जलवा

दुदही विकास खंड के गौरीश्रीराम स्थित जगदीश पब्लिक स्कूल परिसर में चल रही रामकथा में दिल्ली के सांसद व भोजपुरी गायक मनोज तिवारी मृदुल बुधवार को भोजपुरी गीतों के माध्यम से अपने टीम के साथ जलवा बिखेरेंगे। यह जानकारी आयोजक आरएसएस इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा. बालमुकुन्द पांडेय ने दी।

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