कुशीनगर : राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग को लेकर गुरुवार को तुर्कपट्टी बाजार के व्यापारियों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। कहा कि इस समस्या के समाधान को लेकर प्रशासन या जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

तुर्कपट्टी बाजार में थोक व फुटकर की लगभग पांच सौ से अधिक दुकानें, पेट्रोल पंप, डिग्री कालेज, इंटर कालेज सहित अनेक व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। यहां महुअवां, सोंदिया, देवपोखर, तिरमासाहून, कोरया, सरिसवा, दोघरा, खिरियां आदि क्षेत्र के दो दर्जन गांवों की बैंकिग व्यवस्था यूपी बड़ौदा बैंक पर निर्भर है। व्यापारियों का कहना है कि बैंक एक लाख तक का भुगतान नहीं कर पाता है। इससे जरूरत पड़ने पर खाताधारकों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में बैंकिग कार्य के लिए यहां से लगभग 10 किमी दूर जाते हैं।

राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा की स्थापना के लिए मंत्री, सांसद, विधायक व जिलाधिकारी को पत्रक भी सौंपा जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल के महामंत्री सत्यवान तिवारी, युवा अध्यक्ष संतोष मद्धेशिया, हेमंत कुमार मिश्र, अरविद रौनियार, सर्वेश त्रिपाठी, अजय जायसवाल, उपेंद्र मद्धेशिया, देशबंधु यादव, अंगद मद्धेशिया, विजय चौरसिया, गोपीचंद उपस्थित रहे। चेताया कि यदि जल्द बैंक शाखा नहीं खोली गई तो आंदोलन किया जाएगा।

गुमनाम महापुरुषों को सम्मानित करे सरकार

देश के संविधान निर्माण में विशेष योगदान देने वाले गुमनाम महापुरुषों को सम्मान दिलाने के लिए राष्ट्रवादी पार्टी आफ इंडिया के कार्यकर्ता मुखर होने लगे हैं। उन्होंने गुरुवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी राजेश श्रीवास्तव को सौंपा। कहा कि सभी गुमनाम महापुरुषों को भारत सरकार संविधान निर्माता घोषित करें और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करे।

जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय के नेतृत्व में प्रदेश महासचिव महेश राव, उमाशंकर गुप्ता, विनय पांडेय आदि ने सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कहा कि संविधान निर्माण में पूर्व राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद, बीएन राव, सुरेंद्र नाथ मुखर्जी, वीटी कृष्णमाचारी, सरदार बल्लभ भाई पटेल, एवी ठक्कर, सरोजनी नायडू, जेबी कृपलानी, एचसी मुखर्जी, एस वारदाचारियार, एमएन वैकटाचेलैया एवं गोपीनाथ बोदोलोई का अप्रतिम योगदान रहा। इसके बावजूद सभी लोग गुमनाम हैं जो उचित नहीं है। जनता की भावना के अनुरूप राष्ट्रवादी पार्टी आफ इंडिया की मांग है कि भारत सरकार इन महापुरुषों को संविधान निर्माता घोषित करे। साथ ही इनमें से वंचित महापुरुषों को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। देश के प्रमुख स्थानों पर इनकी भी मूर्तियां स्थापित कर शैक्षिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, सार्वजनिक संस्थानों/स्थलों का नामकरण इनके नाम पर किया जाए।