कुशीनगर: बुद्ध पीजी कालेज में तीन दिन से चल रहे वृहद पौधारोपण अभियान के अंतिम दिन गुरुवार को बीएड व वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न प्रजाति के 65 पौधों का रोपण किया गया।

प्राचार्य डा. अमृतांशु कुमार शुक्ल ने वातावरण में धुंध व हवा में आक्सीजन की कमी का उदाहरण देते हुए बताया कि यदि हम समय से नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब हमें आक्सीजन के लिए सिलिंडर लेकर चलना होगा। इससे बचने का एकमात्र उपाय यही है कि अधिक से अधिक पौधारोपण कर उनका संरक्षण भी किया जाए। संयोजक डा. अनुज कुमार ने प्राचार्य, समस्त आचार्यों एवं छात्रों के प्रति कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए आभार ज्ञापित किया। डा. विभ्राट चंद कौशिक, डा. कुमुद त्रिपाठी, डा. निगम मौर्य, कृष्ण कुमार जायसवाल, डा. केपी सिग, डा. इंद्रासन प्रसाद, डा. महबूब आलम, डा. मनीष जायसवाल, डा. राकेश चतुर्वेदी, डा. रितेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

पीपल, पाकड़ व नीम के पौधों से मिलता है सर्वाधिक आक्सीजन

तमकुही विकास खंड के सिदुरिया बुजुर्ग गांव के दुर्गा मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने 111 पौधे लगाए। शपथ ली गई कि पौधे की नियमित देखभाल व सुरक्षा की जाएगी। समूह के संरक्षक डा. पवन खरवार ने कहा कि पीपल, पाकड़ व नीम के पौधे सर्वाधिक आक्सीजन उत्सर्जित करते हैं व इनका पौराणिक महत्व भी है। इसलिए इन पौधों को सर्वाधिक लगाया जाए तथा इनकी सुरक्षा व देखभाल की जाए।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आक्सीजन की कमी से बहुत लोगों ने अपनी जान गंवाई है। पेड़ से हमें मुफ्त में आक्सीजन मिलता है, लेकिन हम सभी ने इनके महत्व को कभी समझने की कोशिश नहीं की। बताया कि इच्छुक व्यक्ति या संस्था को कुशीनारा जीवक ट्रस्ट द्वारा पौधे उपलब्ध कराएं जाएंगे। इस दौरान तेज प्रताप, अभिमान कुमार, अभिषेक शर्मा, अनिल कुमार, हरिहर दास, राहुल कुमार, बिजली यादव, नागेंद्र कुशवाहा, नन्दकिशोर प्रसाद, विकास कुमार, अजय कुमार, विकास गुप्ता, ज्ञानप्रकाश, घनश्याम, विकास सिह, लल्लन कुशवाहा दयाशंकर तिवारी आदि मौजूद रहे।