कुशीनगर: पहली नवंबर से शुरू हुई धान खरीद 30 दिन बाद रफ्तार पकड़ने लगी है। शुरूआती 20 दिनों पांच फीसद तक रही खरीद दस दिनों में 18.88 फीसद हो गई है। हालांकि अभी आधा दर्जन क्रय केंद्र अपनी दैनिक खरीद के लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं। अभी तक 76 क्रय केंद्रों पर महज 8931.19 मीट्रिक टन की खरीद हुई है, जो लक्ष्य 47300 के सापेक्ष मात्र 18.88 फीसद है। किसानों की मानें तो क्रय केंद्रों पर पहुंचने पर केंद्र प्रभारी धान में नमी अथवा खराब कह कर वापस लौटा दे रहे हैं।

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अधिकारियों ने किया क्रय केंद्रों का निरीक्षण

-धान खरीद अधिकारी, एडीएम विध्यवासिनी राय ने तीन क्रय केंद्रों का निरीक्षण करते हुए केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसानों की जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। निर्देशित किया कि एसडीएम धान खरीद की प्रति हफ्ते खरीद की समीक्षा करंगे और उसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय पर भेजेंगे। शनिवार को डिप्टी आरएमओ विनय प्रताप सिंह ने एफसीआई हाटा, किसान सेवा समिति मथौली बाजार, सहकारी संघ रामकोला, विशुनपुरा, कप्तानगंज आदि में केंद्र का निरीक्षण करते हुए जरूरी मानकों को पूरा करने का निर्देश क्रय केंद्र प्रभारियों को दिया।

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हर हाल में पूरा करें लक्ष्य

-जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में धान खरीद के लिए कुल 76 क्रय केंद्र बनाए हैं। शासन ने धान खरीद का 47300 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया है। धान खरीद पहली नवंबर 2019 से शुरू होकर 28 फरवरी 2020 तक होगी। क्रय केंद्र प्रभारी का दायित्व होगा कि वह किसानों की सुविधा को ध्यान में रखें।

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साफ सुथरा धान लाएं किसान

-किसान धान को सुखा कर साफ सुथरा क्रय केंद्र पर लाएं। 17 फीसद से अधिक नमी होने व डैमेज पांच फीसद से अधिक होने पर नहीं ली जाएगी। किसान धान के साथ बैंक का पासबुक की छायाप्रति, आईडी प्रूफ व भूमि की कागजात अवश्य लाएं।

Posted By: Jagran

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