कुशीनगर : हनुमानगंज थाने में नाबालिग छात्रा को 24 घंटे से ज्यादा समय तक रोके रहने पर परेशान पिता ने एसपी सचिद्र पटेल, डीएम एस राजलिगम व एडीजी अखिल कुमार से न्याय की गुहार लगाई। एडीजी ने हस्तक्षेप किया तो पुलिस ने 30 घंटे बाद छात्रा को स्वजन को सुपुर्द किया।

बेलवनिया के एक कालेज में सोमवार को प्रेक्टिकल की फाइल जमा करने गई इंटर प्रथम वर्ष की छात्रा गायब हो गई। दादा की तहरीर पर चार नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस छात्रा की तलाश में जुट गई। मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे पुलिस छात्रा को ढूंढकर थाने ले आई। बुधवार को शाम तक पुलिस ने छात्रा को सुपुर्द नहीं किया तो पिता ने एसपी, डीएम से मोबाइल पर बात की। कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने एडीजी से शिकायत की। उसे गंभीरता से लेते हुए एडीजी ने निर्देश दिया तो रात 10 बजे पुलिस ने छात्रा को घर पहुंचाया। पीड़िता के पिता ने कहा कि आरोपितों के दबाव में पुलिस डरा धमका कर गलत बयान दर्ज कराना चाहती है। इसी लिए बेटी को थाने में रखा गया था। आशंका है कि पुलिस मामले में लीपापोती करेगी। एसएचओ पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत करने के बाद छात्रा का बयान और मेडिकल परीक्षण के लिए महिला कांस्टेबल के साथ रखा गया था। यह कानूनी प्रक्रिया है, डराने-धमकाने जैसी कोई बात नहीं है।

खाद्य विभाग ने की 17 दुकानों की जांच, लिए चार नमूने

सीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में गुरुवार को पडरौना व कप्तानगंज में 17 दुकानों की जांच हुई, जिसमें चार नमूने लिए गए,जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। अभिहित अधिकारी मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अधोमानक होने के संदेह में दाल के तीन नमूने व सरसो के तेल का एक नमूना लिया गया। जांच रिपोर्ट मिलने पर संबंधित कारोबारियों के विरूद्ध विधिक कार्रवाई होगी। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अन्जनी कुमार श्रीवास्तव, बृजेश कुमार,सच्चिदानन्द गुप्ता, अमित कुमार राना, मनोज कुमार श्रीवास्तव, सतीश कुमार, पंकज कुमार कन्नौजिया आदि खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।