कुशीनगर :शिक्षा मित्र सीता कुशवाहा की मौत के मामले में आयुक्त गोरखपुर रवि कुमार एनजी ने जिलाधिकारी एस राजलिगम को पत्र जारी कर मृतका के पति को अपना पक्ष रखने के लिए छह अगस्त को आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

आयुक्त ने इस मामले में गठित जांच समिति के सदस्यों को भी साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखने को बुलाया है। प्रकरण की सुनवाई कर रहे उप्र मानवाधिकार आयोग ने आयुक्त गोरखपुर को मामले में आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया है।

जिले के निवासी व गवर्नमेंट कौंसिल भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया आदित्य उपाध्याय ने बीते दो मई को उप्र मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर कहा है कि पडरौना तहसील क्षेत्र के गांव जंगल बकुलहां निवासी सीता कुशवाहा नौ माह की गर्भवती थीं। पंचायत चुनाव में जिला प्रशासन द्वारा उनकी चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी। सीता कुशवाहा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी स्थिति से अवगत कराया और चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने का अनुरोध किया। कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी द्वारा उनके पत्र का कोई संज्ञान नहीं लिया गया, नौ माह की गर्भवती होने के बाद भी उन्हें चुनाव ड्यूटी में भेज दिया गया। 29 अप्रैल को ड्यूटी करने के पश्चात सीता कुशवाहा को अगले दिन 30 अप्रैल को प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव के बाद उनकी मौत हो गई। सीता कुशवाहा जंगल सुखपुरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र पद पर कार्यरत थीं। उनकी मौत का मुद्दा स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने उठाया था, बाद में यह मामला आगे बढ़ा तो मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की गई। आयोग के आदेश पर प्रकरण की जांच हो रही है।

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