कुशीनगर: बुधवार को नारायणी नदी में मंगलवार की अपेक्षा डिस्चार्ज में पांच हजार क्यूसेक की कमी आ गयी, लेकिन मंगलवार को अचानक बढे़ डिस्चार्ज का परिणाम यह हुआ कि जलस्तर में 45 सेंटीमीटर की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई। इससे खैरखूंटा टोला के समीप नदी की कटान शुरु हो गई है और अन्य संवेदनशील स्थानों पर कटान का दबाव बदस्तूर कायम है। मंगलवार को डिस्चार्ज 1.5 लाख क्यूसेक था जो गुरुवार को घटकर 1.45 लाख क्यूसेक हो गया, लेकिन नदी के जलस्तर में 45 सेंटीमीटर की बढ़त के साथ पिपराघाट में लगे गेज पर जलस्तर खतरे के निशान 76.20 मीटर से 75 सेंटीमीटर नीचे 75.45 मीटर दर्ज किया गया। इससे एपी बांध के कई ¨बदुओं पर नदी के कटान का दबाव बदस्तूर कायम है। वहीं नारायणी नदी खैरखूंटा टोला के समीप तेजी से कटान करने लगी है। एपी बांध के किनारे जंगली पट्टी के सामने नदी का दबाव बरकार है। बांध से बीस मीटर की दूरी पर बह रही नदी की धारा सीधे स्पर से टकरा रही है। किमी 3.300 जवही दयाल चैनपट्टी में नारायणी नदी बांध से सट कर बह रही है। किमी 1300.00 बाघाचौर व किमी 1400.00 अहिरौलीदान में भी नदी के कटान का दबाव बदस्तूर जारी है। बाघाचौर में नदी और बांध के बीच कुछ मीटर की दूरी ही बच गई है। ज्यो-ज्यों बांध व नदी की बीच की दूरी घटती जा रही है, उसी अनुपात में ग्रामीणों के हृदय की धड़कने बढ़ती जा रही है। बचाव कार्य जारी है, लेकिन नदी का रुख देख ग्रामीण सकते में हैं।

Posted By: Jagran