कुशीनगर : विकास खंड खड्डा के दरगौली गांव की मुसहर बस्ती भीमनगर व बैरियहवा में पिछले आठ माह से गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टीका नहीं लगाया जा सका है। न ही पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि किससे फरियाद करें, ग्राम प्रधान व सचिव सब कुछ जानते हुए अनजान बने रहते हैं। एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कभी इन टोलों में आती ही नहीं हैं। शिकायत के बाद भी विभाग के अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं।

पनियहवा-नेबुआ एनएच 28 बी के किनारे स्थित दरगौली गांव की मुसहर बस्ती भीमनगर में 45 व वैरियहवा में 80 परिवार रहता है। मौजूदा समय में यहां 12 गर्भवती व 27 धात्री महिलाएं हैं। करीब 53 की संख्या किशोरियों और कुपोषित बच्चों की है। शासन की ओर से गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए बाल विकास परियोजना के तहत पोषाहार वितरण, वजन, गोद भराई कराया जाता है। एएनएम व आशा कार्यकर्ता जोखिम व अति जोखिम वाली महिलाओं को चिह्नित कर आयरन की गोली वितरित करती हैं। गर्भवती महिलाओं को तीन से आठ माह के भीतर दो टीका लगवाने का प्राविधान है। शिशु को जन्म के साथ छह, नौ, 18 माह और पांच वर्ष तक टीकाकरण होता है। लोगों का कहना है कि दोनों मुसहर बस्तियों में आठ माह से आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता या एएनएम नहीं आई हैं।

भीमनगर की आठ माह की गर्भवती गुंजा देवी ने बताया कि एएनएम गांव में आती नहीं, इसलिए मुझे टीका नहीं लग पाया है। पोषाहार भी नहीं दिया जाता है। बैरियहवा की जंत्री देवी ने बताया कि हमारे टोला में आंगनबाड़ी केंद्र ही नहीं है। तीन-चार सालों से गर्भवती, धात्री महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को पोषाहार नहीं मिलता है। सरपाती देवी ने कहा कि 20 दिन पहले दो वर्ष के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव में आई थीं। 20 लोगों को आधा किग्रा दाल और रिफाइन देकर लौट गईं। रेशमी देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुसहर समाज के लोगों को सुविधा दे रहे हैं। अधिकारियों की उदासीनता से उसका लाभ मुसहरों को नहीं मिल पा रहा है।

जिम्मेदारों ने कहा

सीडीपीओ कयूम अंसारी ने कहा कि भीमनगर व बैरियहवा टोले में पोषाहार का वितरण न किए जाने की जानकारी नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जबकि डिप्टी सीएमओ डा. सुरेश ने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी अवकाश पर हैं। एएनएम के गांव में न जाने के संबंध में वहीं कुछ बता सकते हैं।

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