कुशीनगर : मनरेगा कामगारों को शीघ्र मजदूरी भुगतान के लिए कार्यस्थल पर मोबाइल से आनलाइन हाजिरी दर्ज की जाएगी, अबतक मस्टररोल के जरिये उपस्थिति दर्ज की जाती है। आनलाइन हाजिरी की सुविधा लागू होने से मजदूरी भुगतान में आठ से दस दिन का समय बचेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से मनरेगा के लिए चयनित मेठ मोबाइल कार्यस्थल पर फोन से आनलाइन हाजिरी दर्ज करेंगे।

एपीओ मनरेगा वसीम रजा ने कहा कि शासन से मनरेगा कामगारों का मोबाइल से आनलाइन हाजिरी का निर्देश मिला है। अनुपालन शुरू करा दिया गया है। रोजगार सेवक व महिला मेठ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मनरेगा में पंजीकृत हैं 43329 कामगार, 14602 सक्रिय

सेवरही ब्लाक में मनरेगा योजना के तहत 43329 कामगार पंजीकृत हैं। 21007 जाबकार्डधारक हैं। इनमें 14602 जाबकार्ड सक्रिय हैं। ब्लाक 82 गांवों में से इस समय 78

गांवो में इस समय जल व पर्यावरण संरक्षण के कार्य हो रहा है।

18 वर्ष से एक ही जगह जमे हैं कई बोरिग तकनीशियन

प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति को ठेंगा दिखाते हुए कुशीनगर में कई बोरिग तकनीशियन 18 वर्षों से एक ही जगह जमे हैं। इनके अलावा पांच से 10 वर्षों तक एक ही ब्लाक में कार्य करने वालों की तो जिले में भरमार है।

प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति कहती है कि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी एक जगह पर तीन वर्ष से अधिक समय तक तैनात नहीं रह सकता है। इस आधार पर बीते सप्ताह जिले के कई विभागों में बड़े पैमाने पर फेरबदल हुए। इसके विपरीत जिले के विभिन्न ब्लाकों में बोरिग तकनीशियन पांव जमाए हुए हैं। सीडीओ अनुज मलिक ने कहा कि सरकार की नीति सब पर लागू होती है। कोई उससे वंचित नहीं रह सकता। इसकी जांच करा कार्रवाई की जाएगी।

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