कुशीनगर: जैन धर्म के 24 वें अंतिम तीर्थंकर महावीर स्वामी की जयंती परिनिर्वाण स्थली पावानगर फाजिलनगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में धूमधाम से मनाई गई। मंदिर के प्रधान पुजारी अजय कुमार जैन ने बुधवार को मंदिर में सुबह महावीर स्वामी की विशेष पूजा अर्चना कर अपने ईष्ट को निर्वांण लड्डू का भोग लगाया। पूजारी जैन ने कहा कि महावीर के सिद्धांत में समर्पण का भाव सबसे अहम था। अहिसा परमो धर्म का उन्होंने पूरी दुनिया में प्रचार किया। उनका मानना था कि किसी की प्रार्थना करके या हाथ जोड़कर धर्म हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जीवों से प्रेम और प्रकृति के नजदीक रहने को कहा है। इस अवसर पर डा. मृत्युंजय ओझा, वीरेंद्र गुप्ता, राजेश गुप्ता, अमित जैन, बिट्टू जैन, विद्यासागर गुप्ता, राम अशीष प्रसाद, नगीना मद्धेशिया, दिनेश सिंह, गुड्डू सिंह, मनोज मद्धेशिया, अंजलि जैन, अन्नू जैन, काजल जैन, प्रिया जैन, डॉ. प्रेमचंद जैन, डॉ. अजय कुमार जैन, आयूष जैन, सुमलता जैन, डॉ. राजेश राय, श्रीप्रकाश उपाध्याय, रूपालिका राय, राजेश गुप्ता, वर्षा, वीरेंद्र जायसवाल, शालनी यादव आदि उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप