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कुशीनगर में नारायणी का जलस्तर दो लाख क्यूसेक के पार, बाढ़ का खतरा मंडराया

Published: Wed, 15 Jul 2026 02:39 PM (IST)

नेपाल में लगातार बारिश से नारायणी नदी का जलस्तर कुशीनगर में दो लाख क्यूसेक के पार पहुंचा, जिससे बाढ़ का ...और पढ़ें

पनियहवा स्थित छितौनी-बगहा पुल के सामने उफनाई नारायणी। जागरण

पनियहवा स्थित छितौनी-बगहा पुल के सामने उफनाई नारायणी। जागरण

HighLights

  1. नारायणी नदी का जलस्तर दो लाख क्यूसेक के पार।

  2. कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया में बाढ़ का अलर्ट।

  3. तटबंधों पर निगरानी बढ़ी, नाव संचालन पर रोक।

जागरण संवाददाता, कुशीनगर। नेपाल के तराई एवं जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते नारायणी (गंडक) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज दो लाख क्यूसेक के पार पहुंचने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

नदी किनारे बसे गांवों और छितौनी तटबंध पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी तटबंधों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। संवेदनशील स्थलों पर कर्मचारियों की तैनाती बढ़ा दी गई है। कटानरोधी कार्यों, बोल्डरों तथा स्परों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

जिला प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए नावों, राहत सामग्री, पेयजल, चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा टीमों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है। एसडीआरएफ एवं अन्य आपदा राहत एजेंसियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। साथ ही जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। नारायणी के बढ़ते जलस्तर को लेकर कुशीनगर के साथ ही महाराजगंज और देवरिया के निचले इलाकों पर भी खतरा खड़ा होने की बात कही जा रही है।

महाराजगंज के निचलौल और सिसवा विकासखंड के गंडक तटीय गांवों में विशेष रूप से नदी के किनारे बसे शिकारपुर, भोथहा, बसही, सोहगीबरवा आदि में जलभराव और कटान की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। देवरिया के भी निचले इलाके के गांवों में भी संकट खड़ा हो सकता है।

नाव संचालन पर रोक, पनियहवा पुल पर लगा नोटिस बोर्ड
नारायणी नदी के तेी से बढ़ते जलस्तर को लेकर संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कुशीनगर के खड्डा तहसील प्रशासन ने एहतियातन नारायणी नदी में नाव संचालन पर अगले आदेश तक पूरी तरह रोक लगा दी है। पनियहवा पुल पर नोटिस बोर्ड लगाकर लोगों को इसकी जानकारी दी है।

आज नदी का डिस्चार्ज
नारायणी नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे से ऊपर की ओर ही जा रहा है।नदी चेतावनी बिंदु से 38 सेमी ऊपर 95.380 मीटर पर बहती रही।मंगलवार की सुबह छह बजे डिस्चार्ज 169200 क्यूसेक,आठ बजे डिस्चार्ज 171900 क्यूसेक, दस बजे तक डिस्चार्ज 188400 क्यूसेक,दोपहर 12 बजे डिस्चार्ज 204800 क्यूसेक क्यूसेक ,दो बजे डिस्चार्ज 216400 क्यूसेक,चार बजे डिस्चार्ज 219300 क्यूसेक दर्ज किया गया।

इस दौरान भैंसहा गेज पर शाम तीन बजे जलस्तर 95.380 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी बिंदु से 38 सेमी ऊपर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है डिस्चार्ज में हो रही वृद्धि के कारण रात में दियारा के गांव तक पानी आ सकता है।

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मुख्य अभियंता ने किया वीरभार ठोकर का निरीक्षण, पहुंच मार्ग दुरुस्त कराने के निर्देश
नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह एवं अधीक्षण अभियंता जयप्रकाश सिंह ने मंगलवार को छितौनी तटबंध स्थित संवेदनशील वीरभार ठोकर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सात करोड़ की लागत से हुए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने ठोकर तक पहुंचने वाले मार्ग का अवलोकन किया। उन्होंने बरसात के कारण क्षतिग्रस्त एवं कीचड़युक्त हुए मार्ग पर राबिश भरवाने के निर्देश दिए। कहा कि नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध और ठोकर की नियमित निगरानी की जाए। इस मौके पर अधिशासी अभियंता एमके सिंह,एसडीओ मनोरंजन कुमार,जेई सुधांशु शुक्ला आदि मौजूद रहे।

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