अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर में दौड़ेंगे ई-कार्ट, बुद्ध द्वार से रामाभार स्तूप तक मिलेगी सुविधा
अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर में पर्यटकों की सुविधा के लिए लंबे समय से बंद पड़े ई-कार्ट का संचालन जल्द शुरू होगा।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
ई-कार्ट का संचालन कुशीनगर में पर्यटकों के लिए फिर शुरू होगा।
वृद्ध, दिव्यांग और महिला पर्यटकों को मिलेगी विशेष सुविधा।
बुद्ध द्वार से रामाभार स्तूप तक की यात्रा होगी सुगम।
संवाद सूत्र, बुद्धनगरी। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर में पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। बुद्ध मंदिर मार्ग पर लंबे समय से बंद पड़े ई-कार्ट का संचालन फिर शुरू कराया जाएगा। कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) से संपर्क कर इसी पर्यटन सीजन में नियमित संचालन शुरू कराने की तैयारी है।
इससे खासकर वृद्ध, दिव्यांग और महिला पर्यटकों को बुद्ध द्वार से रामाभार स्तूप तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में सहूलियत मिलेगी। विडंबना यह है कि पर्यटकों की सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए ये ई-कार्ट फिलहाल मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट कार्यालय परिसर में खुले में खड़े धूल फांक रहे हैं।
लंबे समय से संचालन नहीं होने के कारण इन पर लताएं और घास-फूस तक उग आई हैं। कभी-कभार वीआईपी आगमन के दौरान ही इनके पहिए घूमते दिखाई देते हैं।
29.50 लाख रुपये खर्च, फिर भी पर्यटकों के काम नहीं आए
पर्यटकों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कसाडा ने वर्ष 2021 में 29.50 लाख रुपये की लागत से चार ई-कार्ट खरीदे थे। 21 अगस्त 2022 को तत्कालीन प्रदेश ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इनका विधिवत शुभारंभ किया था।
इसके बाद 21 सितंबर 2022 को कुशीनगर टेंपुल एरिया मैनेजमेंट की बैठक में विश्व पर्यटन दिवस से बुद्ध द्वार से रामाभार स्तूप तक नियमित ई-कार्ट चलाने का निर्णय लिया गया था। तत्कालीन एसडीएम कल्पना जायसवाल ने इस व्यवस्था को 'मोनास्ट्री वाक योजना' नाम दिया था।
योजना के तहत 14 सीटर एक ई-कार्ट से इंटरप्रिटेशन सेंटर से दिव्यांग और वृद्ध पर्यटकों को महापरिनिर्वाण मंदिर तक पहुंचाने तथा तीन ई-कार्ट से बुद्ध द्वार से रामाभार स्तूप तक पर्यटकों को लाने-ले जाने की व्यवस्था तय हुई थी।
कुछ माह चला, फिर थम गया संचालन
योजना शुरू होने के बाद कुछ माह तक ई-कार्ट चले, लेकिन बाद में नियमित संचालन बंद हो गया। वर्तमान में भारतीय और विदेशी पर्यटकों को बुद्ध द्वार से रामाभार स्तूप तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है या निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है। निजी साधन अपेक्षाकृत महंगे पड़ते हैं। इससे विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांग पर्यटकों को परेशानी होती है।
पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही कुशीनगर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में बंद पड़ी सुविधा को फिर से शुरू कराने की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ई-कार्ट का नियमित संचालन होने से पर्यटकों को सुलभ और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध हो सकेगा।
कसाडा से संपर्क कर पर्यटकों की सुविधा के लिए ई-कार्ट का संचालन इसी पर्यटन सीजन में प्रारंभ कराया जाएगा। -जी. अक्षय दीपक, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, कसया।
