कुशीनगर: विशुनपुरा ब्लाक के खजुरिया प्राथमिक विद्यालय परिसर में बने पांच बूथों को प्रशासन ने अति संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन बूथों पर हर चुनाव में बवाल होता है। पंचायत चुनाव में यहां सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी। प्रशासन इस गांव पर पैनी नजर रख रहा है।

गांव के सत्यप्रकाश मिश्र, गोरखनाथ मिश्र, शनि शर्मा, जैकी शुक्ल, दिवाकर आदि का कहना है कि प्रशासन की सतर्कता के बावजूद यहां मतदान के दौरान बवाल हो जाता है। वर्ष 1993 के लोकसभा चुनाव के दौरान दबंगों ने मतपेटिका में पानी डाल दिया था, उन्हें भगाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज कराना पड़ा था। दर्जनों लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। वर्ष 2000 के पंचायत चुनाव में गंवई राजनीति के चलते दो पक्षों में भीषण मारपीट हुई थी, घटना में कई लोग घायल हुए थे। 2012 में मतदान के कुछ दिन पहले शरारती तत्वों ने आग लगा दी थी। उससे करीब डेढ़ सौ झोपड़ियां जल गई थीं। वर्ष 2013 व 2015 के चुनाव में भी बवाल हुआ था। गांव में पुलिस तैनात करनी पड़ी थी। थानाध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने कहा कि खजुरिया गांव के शरारती तत्वों को चिह्नित कराकर सूची तैयार कर ली गई है। उन्हें सख्त हिदायत भी दी गई है कि किसी तरह का बवाल होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गांव में पुलिस की पैनी नजर है, बूथों पर बीट प्रभारी समेत जिले के अधिकारियों का मोबाइल नंबर चस्पा करा दिया गया है। यहां यदि बवाल हुआ तो पहले से चिह्नित लोगों के खिलाफ पहले कार्रवाई की जाएगी, इसके अलावा उन लोगों को भी पकड़ा जाएगा जो बवाल में शामिल पाए जाएंगे।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप