कुशीनगर: मौसम ने नजर तिरछी की है तो बिजली ने भी साथ छोड़ दिया है। उमस से राहत की उम्मीद टूट सी गई है। गांव से शहर तक हर रोज बिजली आपूर्ति को लेकर कचकच मच रही है। ट्रांसफार्मर जलने से जनपद के डेढ़ दर्जन गांवों की बत्ती बीते एक सप्ताह से गुल हो गई है। यहां के लोग उमस भरी गर्मी में संकट में हैं। न तो मोबाइल चार्ज हो रहा है न ही बच्चों की पढ़ाई ही ठीक से हो पा रही है। गृहिणियों को होने वाली दिक्कत से घर-घर संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। चूल्हा-चाकी संभालने में महिलाओं को पसीने छूट रहे हैं। आपूर्ति ठप होने से हर जरूरी कार्य बाधित हो गया है।विकास कार्य पर बिजली का पहरा लग गया है। जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जाने की उम्मीद में लोगों का एक-एक दिन भारी पड़ रहा है। बिजली घर पर दौड़ रहे उपभोक्ता ट्रांसफार्मर की अनुपलब्धता के कारण निराश होकर लौट रहे हैं।

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यहां के बा¨शदों की बढ़ी दुश्वारियां

-बीते एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर जल जाने से इंदरसेनवा, धनहा, कुसुम्हा, भगवानपुर, बगही, बुद्ध नगरी वार्ड 21, कप्तानगंज रेलवे क्रा¨सग, जोगिया, इनरही समेत जनपद के डेढ़ दर्जन गांवों में अंधेरा है। यहां के हजारों ग्रामीण उमस भरी गर्मी से तंगहाल हैं। घर-घर उपयोगी भौतिक संसाधन निष्प्रयोज्य पड़े हुए हैं। रिपोर्ट करने के दो दिन बाद ही ट्रांसफार्मर बदल दिए जाने की आस नाउम्मीदी में बदलती दिख रही है। बच्चों की सांयकालीन व रात्रिकालीन पढ़ाई पर ब्रेक लग गया है। बच्चे होमवर्क नहीं कर पाने से स्कूलों में गुरुजनों की डांट खा रहे हैं। रसोई संभालने वाली महिलाएं विभाग की शिथिलता पर कोस रही हैं। जरूरी सभी कार्य पूरी तरह से बाधित होने से आमजन का आक्रोश सातवें आसमान पर है। कमलेश कहते हैं मौसम ने भी साथ छोड़ दिया है। ऐन वक्त पर ट्रांसफार्मर जल जाने से त्राहि-त्राहि मच गयी है। लीलावती देवी कहती हैं किचेन में घंटा पर रूक पाना मुश्किल भरा हो रहा है। ----- यहां बदले गए जले ट्रांसफार्मर

-पडरौना, कसया, हाटा, तमकुहीराज, कप्तागंज व खड्डा तहसील क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जलने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। हर रोज औसत रूप में चार से पांच ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। विभाग ने करमहा नगर, माघी कोठिलवां, पकड़ियार, नौगांवा, गोनहा, बड़हरा बुजुर्ग, लक्ष्मीपुर, परतावल, जमुआन, दरगौली, बड़हरागंज, बनकटा बाजार, धुंआटीकर, नागा पट्टी, जमुआन, अतरडीहा, बसंतपुर, कोहरगड्डी, भेलया चंद्रौटा, पटहेरवां, घोसी टोला, गोइती बुजुर्ग, मंसाछापर, डूमरभार, बैकुंठपुर कोठी, पकड़ियार नौगांवा, पैकौली लाला, इंदरपुर में एक पखवारे में जले ट्रांसफार्मरों को बदलकर बाधित विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाल कर दी गई है। ----- ..और बिजली घर में सोते मिले एसएसओ

मल्लूडीह, कुशीनगर: कसया विद्युत उपकेंद्र से संचालित गोपालगढ़ बिजली घर पर तैनात एसएसओ रविवार की रात ड्यूडी के दौरान ही सो गए। मुख्य आपूर्ति के बाद भी दर्जनों गांवों की बिजली गुल रही। अ‌र्द्धरात्रि के बाद कुछ लोग बिजली घर पहुंचे और उन्हें जगाया तब जाकर आपूर्ति बहाल हो सकी। इसके पूर्व भी अनेक बार एसएसओ के ड्यूटी पर सो जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत मिलती रही है। प्रदेश की योगी सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार कर ग्रामीण क्षेत्र में 18 से 20 घंटे व शहरों में 20 से 22 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा कर रही है। एसएसओ की लापरवाही से नागरिक न सिर्फ परेशान हो रहे बल्कि प्रदेश सरकार को कोस भी रहे हैं। इस उदासीनता से ब्रेक डाउन से विभागीय दावों की पोल खुल रही है। गोपालगढ़ बिजली घर के तीन फीडर मैनपुर, प्रेमवलिया और गुरुमिया से आपूर्ति की व्यवस्था है। फीडर पर दो एसएसओ की तैनाती है। इन फीडरों से छह दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति होती है। प्रेमवलिया फीडर रात में 10 बजे ट्रिप हुआ तो विद्युत बाधित हो गई। जिससे अंधया, मल्लूडीह, हतवा, करमैनी, विशुनपुरा, अभिनायकपुर, बरवा, फुलवापत्ति सहित दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो गई। बिजली घर के सीयूजी नंबर पर फोन करने पर किसी ने काल रिसीव नहीं किया तो क्षेत्र के वीरेंद्र मिश्र, सर्वेश, एसके शाही बिजली घर पहुंचे तो वहां तैनात एसएसओ सोते मिले। अधिशासी अभियंता ने कहा कि शिकायत मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran