कुशीनगर: वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से सभी देश परेशान हैं। योद्धा भी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इनमें स्टॉफ नर्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। संक्रमण रोकने के लिए चल रहे लॉकडाउन की वजह से कई नर्स दो-तीन माह से घर नहीं जा पाई हैं। सरकारी अस्पतालों में तैनात अधिकांश नर्सों को घर-परिवार दोनों संभालना पड़ता है। सोमवार को जिला अस्पताल में तैनात कुछ नर्सों से जागरण ने बातचीत की। कई ने घर-परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभाने की बात बताई। हालांकि कुछ नर्स घर से आकर ड्यूटी कर रही हैं।

गीता देवी ने कहा है कि जिला अस्पताल के लेबर रूम में ड्यूटी है। संक्रमण से सुरक्षा का पूरा ख्याल रखते हुए घर और हास्पिटल आने-जाने में तालमेल बिठाया जाता है। परिवार से राष्ट्र की सेवा सर्वोपरि है।

मंजू गौतम ने कहा है कि कोरोना महामारी की वजह से सभी लोग परेशानी में हैं। सरकारी सेवा में लगे लोगों को घर व परिवार दोनों जगह तालमेल बिठाना पड़ रहा है। संक्रमण के डर से मन आशंकित रहता है।

विजय लक्ष्मी ने कहा है कि मां, भैया और भाभी गोरखपुर में रहते हैं। लॉकडाउन की वजह से दो माह से घर नहीं जा पाई हूं। मोबाइल पर वीडियो कॉलिग से उनसे बातचीत होती है। सेवा का धर्म निभा रही हूं।

मीना सिंह ने कहा है कि माता-पिता और भाई, बहन वाराणसी में रहते हैं। तीन माह पूर्व मैं घर गई थी। लॉकडाउन की वजह से घर नहीं जा पा रही हूं। सुरक्षा को लेकर परिवार के लोग फोन पर सचेत करते हैं।

Posted By: Jagran

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