कुशीनगर: टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय रहते इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। यदि लक्षण दिखे तो तत्काल इलाज कराकर निरोग हो सकते हैं। यदि लापरवाही बरती गई तो बीमारी गंभीर रूप धारण कर सकती है। यह बातें जिला क्षय रोग अधिकारी डा.वीपी नरसरिया ने कही। जारी विज्ञप्ति में बताया कि जनपद में टीबी रोग से मुक्ति दिलाने के लिए विभाग ने ठोस निर्णय लेते हुए अनूठी पहल शुरू की है। बताया कि टीबी के मरीजों की खोज के लिए स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाएंगे और आमजन को, उनके परिजनों को टीबी के प्रति सतर्क कर जांच पड़ताल करेंगे। बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी आनी, खांसी के साथ बलगम या खून का आना, नियमित बुखार का होना, लगातार कम वजन होना, भूख कम लगना, एक माह या अधिक समय से सीने में दर्द होना टीबी के लक्षण हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि सक्रिय टीबी खोज अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान बनाया गया है। पहले चरण में जिले के 3.90 लाख की आबादी को कवर किया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी मरीजों को खोजा जाएगा। चिह्नित टीबी के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज किया जाएगा। यह अभियान 24 फरवरी से 10 मार्च तक संचालित होगा।

By Jagran