कुशीनगर : अपनी ही सरकार में प्रशासनिक मनमानी से मर्माहत भाजपा विधायकों का दर्द आखिरकार मंगलवार को फूट ही पड़ा। अपनी पीड़ा को बया करने के लिए विधायक जिलाध्यक्ष की अगुवाई में डीएम व एसपी से मिले और एक साथ बोले कि नौकरशाही के रवैये के कारण जिले में राजनैतिक अराजकता का माहौल पनप रहा है। अगर प्रशासनिक रवैया ऐसा ही रहा तो यह अराजकता सड़क पर दिखायी देने लगेगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी आला अधिकारियों की होगी। हाटा विधानसभा क्षेत्र में बीते दिनों ग्राम मुंडेरा उपाध्याय में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौत, भैंसही में नाबालिग के साथ गैंगरेप व सोमवार को सपा के दिग्गज नेता माता प्रसाद पाण्डेय, सासद तेज प्रताप यादव को भाजयुमो कार्यकर्ताओं द्वारा काले झडे दिखाए जाने को लेकर सत्ता व विपक्ष के दिग्गज नेता इन दिनों आमने सामने हो गए है। यही कारण है कि जिले का राजनैतिक माहौल एकदम गरम हो उठी है। डीएम डा. अनिल कुमार सिंह व एसपी अशोक कुमार पाण्डेय से जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही की अगुवायी में मिलने पहुंचे विधायक पवन केडिया, रजनीकात मणि त्रिपाठी, रामानन्द बौद्ध ने कहा कि हाटा क्षेत्र में घटित हुई तीनों घटनाओं में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं पर ही पुलिस व प्रशासनिक अमला कार्यवाही कर रहा है। जबकि इन सभी घटनाओं के श्रेय लेने की दौड़ में शामिल सपा के पूर्व राज्यमंत्री व उनके कार्यकर्ताओं का अभयदान देकर जननायक बनाने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि काला झण्डा दिखाने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने भाजयुमों कार्यकर्ताओं के साथ खुलेआम गुंडई की गयी और पुलिस मूक दर्शक बनी रही, यही नही भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उनके पर मुकदमा भी दर्ज किया गया। इससे साबित होता है कि जिले के आलाधिकारी भाजपा सरकार की मंशानुसार कार्य न करके विपक्ष के साथ मिलकर कुशीनगर में राजनैतिक अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती है। विधायकों ने कहा कि प्रशासनिक अमला अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नही करता है तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते है। इस मौके पर हाटा नपाध्यक्ष मोहन वर्मा, अवेधश प्रताप सिंह, राणा प्रताप राव, मार्कण्डेय शाही, जयप्रकाश उपाध्याय, रामबृक्ष गिरि, अमित पाण्डेय, अशोक कुमार यादव, अंकुर सिंह, दुर्गेश राय, संतोष सिंह, सुदर्शन पाल, हिमाशु यादव हरि राय आदि मौजूद रहे।

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