कुशीनगर: पडरौना तहसील के सिधरिया ड्रेन की कराई जा रही सफाई के विरोध में सोमवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सात-आठ फीट गहरे पानी में पोकलेन से कैसे सफाई हो पाएगी। विभाग के अधिकारी व ठीकेदार सांठगांठ कर सरकारी धन का बंदरबांट करना चाहते हैं। अगर नवंबर-दिसंबर में सफाई कराई जाएगी तो धन का सदुपयोग होगा।

धर्मपुर-गुलरिहा मार्ग पर ड्रेन के पुल पर प्रदर्शन कर रहे भुखल, धीरज, कन्हैया, रहमतुल्लाह, अशोक, छोटे, हरेंद्र, विष्णु प्रसाद आदि किसानों ने कहा कि करीब 15 किमी लंबी यह ड्रेन दो दर्जन से अधिक गांवों के सरेह से गुजरी है। इसके माध्यम से खेतों से बारिश का पानी निकलता है। कई वर्षों से इसकी सफाई न होने से खेतों में जलभराव हो जा रहा है और हजारों एकड़ धान व गन्ने की फसल बर्बाद हो जा रही है। किसानों की ओर से लगातार मांग किए जाने के बाद बाढ़ खंड की ओर से ड्रेन की सफाई के लिए धन की व्यवस्था की गई, लेकिन सफाई के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। ड्रेन में सात-आठ फीट पानी भरा हुआ है, कैसे तलहटी में जमीं मिट्टी को निकाला जाएगा। ठीकेदार की ओर से पोकलेन से किनारे उगी झाड़ियों व घास की सफाई कर खानापूर्ति की जा रही है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान होगा। खानापूर्ति के बाद धन का बंदरबांट हो जाएगा और नियमानुसार फिर तीन साल तक ड्रेन की सफाई नहीं कराई जाएगी।

खलिहान की पैमाइश, अतिक्रमण करने वालों को नोटिस

एसडीएम एआर फारुकी के निर्देश पर राजस्व टीम ने तरयासुजान थाना के सलेमगढ़ गांव के जमुनिया टोला स्थित खलिहान की भूमि की पैमाइश की। भूमि पर गत तीन माह से विवाद है। सोमवार को कानूनगो अशोक वर्मा, लेखपाल जयंत गुप्ता, ओमप्रकाश, विश्राम आदि राजस्वकर्मियों की टीम पैमाइश कर अतिक्रमण करने वालों को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए नोटिस दिया। इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार साह, संदीप शर्मा, लालबाबू सिंह, अनिल गुप्ता, बहारन बैठा आदि उपस्थित रहे।

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