कुशीनगर : मजबूत आत्मबल हो और मन से जीतने की ताकत तो कोरोना को हराना बहुत आसान है। यह कहना है कुशीनगर के ग्राम बलुवही निवासी 82 वर्षीय बाबूराम तिवारी का। सेवा निवृत्त शिक्षक बाबूराम संक्रमित होने के बाद उन्होंने हौसले से 15 दिनों में कोरोना को मात दी और जीवन की मुख्यधारा में लौट आए।

बताते हैं कि 24 अप्रैल को संक्रमित हो जाने के बाद मैंने अपने हौसले को हारने नहीं दिया। कुछ लोगों ने मुझे उम्र का हवाला दिया तो कहा कि उम्र से बूढ़ा हूं, लेकिन मेरा हौसला जवां है। कोरोना को हारना ही होगा। इस दौरान परिवार के सदस्यों और मित्रों का भरपूर और स्नेहपूर्ण सहयोग मिला। यथाशीघ्र स्वस्थ होकर समाज को प्रेरित करने की प्रबल इच्छाशक्ति मेरे अंदर थी। इसने मुझे और मजबूत किया। संक्रमण के दौरान नियमित काढ़े का सेवन, गर्म पानी से भाप लेना, गरम पानी का गरारा और कोरोना गाइड लाइन का पूरी सख्ती से पालन किया। अंतत: कोरोना ने घुटने टेक दिए और मैं यह जंग जीत गया। यदि आप कोरोना से संक्रमित हों तो हिम्मत को ढाल बनाएं, डंटकर मुकाबला करें, कोरोना हार जाएगा।

सुरक्षा कवच है कोरोना का टीका: डा. संदीप अरुण

कोरोना वैक्सीन सुरक्षा कवच है। इसके जरिये ही कोरोना संक्रमण से मुकम्मल बचाव होगा। मैंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। इससे आत्मबल तो बढ़ जा रहा है, वहीं आप सुरक्षित भी हो जा रहे हैं।

यह कहना है चिकित्सक डा. संदीप अरुण श्रीवास्तव का। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन सुरक्षा कवच है। इसके जरिये ही कोरोना संक्रमण से बचाव होगा। मैंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। इससे आत्मबल तो बढ़ ही रहा है, वहीं आप सुरक्षित भी हो जा रहे हैं। संभव है कि टीकाकरण के बाद भी कोरोना से संक्रमित हो जाएं, लेकिन तब स्थिति जानलेवा नहीं होगी। मैंने टीका लगवाया है, आप भी लगवाएं और कोरोना को हराएं।

दोनों डोज लेने के बाद जगा सुरक्षा का भाव: दीपनारायण अग्रवाल

पडरौना : नगर के प्रसिद्ध व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता दीपनारायण अग्रवाल कहते हैं कि मैंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। इससे मेरे अंदर सुरक्षा का भाव जगा है जो यह आत्मबल बढ़ाने का भी कार्य कर रहा है। टीका लेने के बाद ही सही रूप में हम कोरोना को मात दे सकेंगे। टीका को लेकर फैलाए जा रहे किसी भी भ्रम के चक्कर में न पड़ें। हमने टीका लगवाकर कोरोना को हराने की ओर कदम बढ़ाया है, आप भी टीका लगवाकर इस बीमारी को हराएं।